द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में बोर्ड-निगम को भरने की कवायद शुरू हो गई है। इसके तहत कांग्रेस ने अपने कोटे के बोर्ड-निगम के लिए 11 लोगों का नाम सीएम को भेजा है। इस लिस्ट के जारी होते ही कांग्रेस में घमासान मच गया है। बोर्ड-निगम में अपनी जगह बनाने के लिए असंतुष्ट नेता एकजुट होने लगे हैं। इस बीच पार्टी के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष मानस सिन्हा भी इस विवाद में कूद गए हैं। उन्होंने बोर्ड निगम के बंटवारे को लेकर कई सवाल उठाए। मीडिया में छपी खबर का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि बोर्ड निगम के बंटवारे में समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई है। जातीय समीकरण का भी ख्याल नहीं रखने की बात कही गई।

5 प्रमंडलों से भेजें नाम, सूची करें रिव्यू
बोर्ड-निगम के लिए जिन लोगों का नाम भेजा गया है उस सूची को फिर से रिव्यू करने की मांग उठाई गई। मानस सिन्हा ने कहा कि जो भी नाम भेजे गए हैं वह सिर्फ रांची से है। ऐसा क्यों? सभी 5 प्रमंडलों से लोगों के नाम भेजे जाएं। यह भी मांग की गई कि बोर्ड-निगम में जगह पाने के लिए मापदंड तय हो। जिनका नाम भेजा जाए उन्हें कम से कम 15 साल संगठन में काम करने का अनुभव हो। उन्होंने कहा कि अगर नाम का फिर से रिव्यू नहीं हुआ तो इस लड़ाई को दिल्ली तक ले जाएंगे। राष्ट्रीय नेतृत्व को इस बात से अवगत करा दिया गया है। कई जिलों से असंतुष्ट नेता पहुंचे थे। वहीं, वर्तमान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष भीम कुमार भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहे।

सीएम के पास भेजे गए हैं इनके नाम
रवींद्र सिंह, रमा खलखो, शमशेर आलम, राजीव रंजन प्रसाद, अशोक चौधरी, जयशंकर पाठक, श्यामल किशोर सिंह, केशव महतो कमलेश, अभिलाष साहू, शशिभूषण राय और संजय लाल पासवान।
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