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सरायकेला : मजदूरों के धरना स्थल पर हंगामा, धक्का-मुक्की और टेंट तोड़ने का आरोप

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सरायकेला
सरायकेला-खरसावां जिला के आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित रामकृष्णा फोर्जिंग्स लिमिटेड समूह से जुड़ी रामकृष्णा कास्टिंग सॉल्यूशंस लिमिटेड के बाहर जेएमटी ऑटो लिमिटेड, जिसे एनसीएलटी के तहत अधिग्रहित किया गया है, के पूर्व कर्मचारियों का 9 दिनों से जारी शांतिपूर्ण धरना बुधवार की सुबह विवादों में घिर गया. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आज सुबह कुछ लोगों ने धरना स्थल का टेंट जबरन तोड़ दिया और धरना दे रहे मजदूरों के साथ धक्का-मुक्की की. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके मोबाइल भी छीनने की कोशिश की गई.
अधिग्रहण के बाद मजदूरों को नहीं किया गया शामिल
कर्मचारियों का कहना है कि अधिग्रहण और प्रबंधन परिवर्तन के बाद उन्हें न तो पुनर्नियोजन मिला और न ही अंतिम सेटलमेंट का भुगतान. उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों से वे जेएमटी ऑटो लिमिटेड में लगातार काम कर रहे हैं. उनका कहना है कि कंपनी एक्ट के नियमों के अनुसार जब किसी कंपनी का दूसरे कंपनी द्वारा अधिग्रहण किया जाता है, तो उसमें कार्यरत मजदूरों को भी शामिल किया जाता है. परंतु उनके साथ ऐसा नहीं किया गया. रामकृष्णा कास्टिंग सॉल्यूशंस लिमिटेड द्वारा कंपनी का अधिग्रहण तो किया गया, लेकिन मजदूरों को शामिल नहीं किया गया. 
2 वर्षों में आंदोलन के दौरान कुछ मजदूरों की जान भी गई
कंपनी प्रबंधन से वार्तालाप करने पर केवल आश्वासन दिया गया. पिछले 2 वर्षों में उनके कुछ साथियों का निधन भी हो गया, लेकिन आंदोलन जारी है. लगभग सभी साथियों की उम्र 40 वर्ष के आसपास है, ऐसे में इस उम्र में नई नौकरी मिलना कठिन होने का हवाला देते हुए उन्होंने मानवीय आधार पर समाधान की मांग की और पुनः काम पर रखने की गुहार लगाई.
कंपनी ने नहीं हटाया टेंट: प्रबंधन
प्रबंधन प्रतिनिधि शक्ति सेनापति ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि टेंट हटाने की कार्रवाई कंपनी ने नहीं की, बल्कि संभवतः वन विभाग ने नोटिस के बाद की होगी. उनका कहना है कि कंपनी का एनसीएलटी आदेश के तहत अधिग्रहण हुआ है, इसलिए पूर्व देनदारियों की कानूनी जिम्मेदारी कंपनी पर नहीं बनती. प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है.

 

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