द फॉलोअप डेस्क, रांची
Jharkhand Outsource News: राज्य सरकार के सचिवालयों, क्षेत्रीय कार्यालयों और अन्य संस्थानों में कार्यरत Outsource कर्मियों को पिछले दो महीने से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। छह दिन बाद दुर्गा पूजा शुरु होने वाली है। लेकिन दुर्गा पूजा में भी विभिन्न कार्यालयों में कार्यरत हजारों आउटसोर्स कर्मियों को वेतन भुगतान की संभावना संदिग्ध है। क्योंकि JAP-IT के CEO चंदन कुमार लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। वह इलाज के लिए 28 सितंबर से एक महीने की छुट्टी पर चले गए हैं। इस कारण JAP-IT के सीईओ का पद रिक्त हो गया है। सरकार ने अब तक इस पद पर किसी का पदस्थापन नहीं किया है। या फिर किसी को अतिरिक्त प्रभार भी नहीं दिया गया है। जबकि आउटसोर्स कर्मियों के वेतन भुगतान का मामला जैप-आईटी के JAP-IT के आदेश के बाद ही संभव है। इसके लिए पूर्व से कार्यरत आउटसोर्स एजेंसियों को दो महीने का अवधि विस्तार दिया जाना जरूरी है। इससे संबंधित संचिका जैप-आईटी के सीईओ के टेबल पर है। जब तक इस प्रस्ताव पर स्वीकृति नहीं मिल जाती, आउटसोर्स कर्मियों का वेतन भुगतान संभव नहीं है।
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क्या है मामला
राज्य में पूर्व से 12 आउटसोर्सिंग/मैनपावर एजेंसियां इंपैनल्ड है। लेकिन कतिपय विसंगतियों और अनियमितताओं को लेकर सरकार ने नये सिरे से आउटसोर्स और मैनवापर प्रोवाइडर एजेंसियों की नियुक्ति करने का फैसला किया था। साथ ही विभिन्न कैटेगरी के आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय रिवाइज्ड किया गया। मसलन कंप्यूटर ऑपरेटर, कलर्क, माली, ड्राइवर, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, सफाई कर्मी व अन्य। फिर नये सिरे से आउटसोर्स एजेंसियों की नियुक्ति के लिए टेंडर आमंत्रित किया। टेंडर की प्रक्रिया में विलंब होने के कारण राज्य सरकार ने पूर्व से कार्यरत आउटसोर्स कंपनियों के कॉन्ट्रैक्ट को 31 जुलाई 2026 तक बढ़ाया भी। दूसरी ओर टेंडर के माध्यम से चयनित 19 नयी आउटसोर्स एजेंसियों को लेकर अंतिम फैसला नहीं हो सका है। इससे संबंधित अधिसूचना भी जैप-आईटी के सीईओ के कारण लंबित है। इस कारण कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय का भुगतान कैसे हो, यह मामला फंस गया है। अगस्त और सितंबर माह के मानदेय का भुगतान तभी संभव है, जब पूर्व से कार्यरत आउटसोर्स एजेंसियों का अवधि विस्तार 30 सितंबर तक दे दिया जाता है। और अवधि विस्तार देने का यह प्रस्ताव भी जैप-JAP-IT के CEO के टेबल पर ही पड़ा है।

अब कोई विभाग तय Manpower Agency से ही ले सकेंगे आउटसोर्स कर्मी
इधर एक और बदलाव का भी प्रस्ताव है जो जैप-आईटी के सीईओ के टेबल पर लंबित है। इस नये प्रस्ताव में राज्य के 33 विभागों के लिए अलग अलग आउटसोर्स कंपनियों के नाम तय कर दिए गए हैं। बड़े विभागों के लिए 3-4 एजेंसियां और छोटे-छोटे विभागों के लिए 2-3 एजेंसियों के नाम तय किए गए हैं। अब कोई भी विभाग इन्हीं तय एजेंसियों में से आउटसोर्स कर्मी ले सकेंगे। जबकि पहले कोई भी विभाग इंपैनल्ड 12 एजेंसियों में से किसी से आउटसोर्स कर्मी ले लेते थे। इससे सरकार में पैठ और प्रभाव वाली आउटसोर्स एजेंसियां अधिक से अधिक मैनपावर उपलब्ध करा कर ज्यादा लाभ लेने में सफल रहती थी। अब ऐसा नहीं हो पाएगा।
