अमन मिश्रा सिमडेगा
सिमडेगा जिले की मेरी किंडो (ग्राम रायबेरा, पंचायत बाघडेगा, प्रखंड केरसई) की निवासी, ने स्वयं सहायता समूह और सरकारी योजनाओं की मदद से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की है। वर्ष 2017 में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के तहत संत मोनिका स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनकी सक्रियता और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें समूह सचिव का दायित्व सौंपा गया। इस भूमिका में मेरी किंडो ने समूह बैठकों का संचालन, बचत संकलन और अन्य गतिविधियों में निरंतर सक्रिय भूमिका निभाई। समूह से जुड़ने से पूर्व उनके परिवार की आय वर्षा आधारित धान की खेती और मजदूरी पर निर्भर थी, जिससे आर्थिक स्थिति अस्थिर थी। स्वयं सहायता समूह में जुड़ने के बाद उन्हें वित्तीय सहयोग के साथ-साथ आजीविका विस्तार हेतु तकनीकी मार्गदर्शन भी मिला।

वर्ष 2024–25 के रबी मौसम में मेरी किंडो ने समूह से 30,000 रुपये का ऋण लेकर कुएँ आधारित सिंचाई सुविधा के माध्यम से पत्ता गोभी, टमाटर और आलू की खेती की। इस कृषि गतिविधि से उन्हें 85,900 रुपये की आय हुई। इसके अतिरिक्त उन्होंने बकरी पालन को अपनाकर 35,600 रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित की। कुल मिलाकर, उन्होंने 1,21,500 रुपये की आय से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की। मेरी किंडो को मुख्यमंत्री मंईयाँ सम्मान योजना के तहत अब तक 34,000 रुपये प्राप्त हुए हैं, जिसमें से 25,000 रुपये को उन्होंने खेती और पशुपालन में पुनः निवेश किया।
.jpeg)
उनकी सफलता ने गांव के अन्य परिवारों को भी सब्जी खेती और पशुपालन जैसी आजीविका गतिविधियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया है। मेरी किंडो की तीन पुत्रियाँ हैं, जिनमें एक नर्स के रूप में कार्यरत है, जबकि दो रांची में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। परिवार बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। JSLPS के तकनीकी और संस्थागत मार्गदर्शन, स्वयं सहायता समूह से जुड़ाव और सरकारी योजनाओं के सहयोग से आज मेरी किंडो का परिवार बहु-आय स्रोत पर आधारित सशक्त आजीविका की ओर अग्रसर है।