अभिषेक पीयूष
झारखंड के सारंडा जंगलों में सुरक्षा बल इस समय एक साथ कई मोर्चों पर जूझ रहे हैं। एक तरफ नक्सल विरोधी अभियान तेज किया गया है, वहीं दूसरी ओर आईईडी का खतरा, भीषण गर्मी और अब तेजी से फैलता मलेरिया जवानों की परेशानी बढ़ा रहा है। दुर्गम और घने जंगलों में लगातार चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से जवानों में स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से सामने आ रही हैं।

अचानक बिगड़ी तबीयत, पांच जवान एयरलिफ्ट
मंगलवार को बालिबा कैंप में तैनात कोबरा बटालियन के पांच जवानों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। जांच के बाद सभी में मलेरिया के गंभीर लक्षण पाए गए। हालात को देखते हुए तुरंत कार्रवाई करते हुए जवानों को एयरलिफ्ट कर Ranchi भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। इससे पहले भी CRPF के विशेष महानिदेशक दीपक कुमार के दौरे के दौरान एक जवान अनिल बिस्वाल बेहोश हो गए थे, जिन्हें तत्काल हेलीकॉप्टर से रांची भेजा गया।

ऑपरेशन पर असर, एक जवान की मौत से बढ़ी चिंता
सारंडा में जारी ऑपरेशन के बीच मलेरिया का बढ़ता प्रकोप सुरक्षा बलों के लिए नई मुश्किल खड़ी कर रहा है। लगातार जवानों के बीमार पड़ने से अभियान की रफ्तार और असर दोनों प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसी बीच असम निवासी जवान आनंद सिंघा (42) की मलेरिया के कारण इलाज के दौरान मौत हो चुकी है, जिसने हालात की गंभीरता को और स्पष्ट कर दिया है। फिलहाल सुरक्षा बल ऑपरेशन जारी रखते हुए स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दे रहे हैं, लेकिन जंगल की कठिन परिस्थितियां हालात को जटिल बना रही हैं।