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शिबू सोरेन को पद्म भूषण पर पप्पू यादव का बयान, बोले- केंद्र कम आंक रही है वह भारत रत्न के हकदार

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द फॉलोअप डेस्क
दिशोम गुरु शिबू सोरेन को पद्म भूषण सम्मान दिए जाने की घोषणा के बाद राजनीतिक गलियारों में प्रतिक्रियाओं का सिलसिला तेज हो गया है। पक्ष और विपक्ष के नेता अपने-अपने तरीके से इस फैसले पर राय रख रहे हैं। इसी कड़ी में बिहार से कांग्रेस नेता और पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।

सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए पप्पू यादव ने कहा कि शिबू सोरेन सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की चेतना, स्वाभिमान और अधिकारों की बुलंद आवाज रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे संघर्षशील नेता के लिए भारत रत्न से कम कोई भी सम्मान पर्याप्त नहीं है।

पप्पू यादव ने पद्म भूषण दिए जाने को आदिवासी समाज के ऐतिहासिक योगदान को कमतर आंकने वाला कदम बताया और कहा कि दशकों तक आंदोलन की अगुवाई करने वाले नेता को किसी औपचारिक सम्मान की आवश्यकता नहीं होती।

वहीं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी भावुक प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने शिबू सोरेन को “जनता का सच्चा रत्न” बताते हुए कहा कि झारखंड ही नहीं, बल्कि देशभर में बसे आदिवासी समाज के दिलों में गुरुजी का स्थान सर्वोच्च है।

हेमंत सोरेन के अनुसार शिबू सोरेन जनमानस में पहले से ही भारत रत्न का दर्जा रखते हैं और आने वाली पीढ़ियों में भी उनकी पहचान इसी रूप में बनी रहेगी।

मुख्यमंत्री ने पद्म भूषण सम्मान की घोषणा के लिए केंद्र सरकार का आभार जताते हुए कहा कि शिबू सोरेन का जीवन राजनीति की सीमाओं से कहीं आगे रहा है। उनका पूरा संघर्ष समानता, सामाजिक न्याय, आदिवासी अस्मिता, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और हाशिये पर खड़े वर्गों के अधिकारों को मजबूत करने के लिए समर्पित रहा।

उन्होंने कहा कि गुरुजी के लंबे आंदोलन के कारण ही झारखंड को अलग राज्य का दर्जा मिला और यहां के लोगों को अपनी विशिष्ट पहचान पर गर्व करने का अवसर प्राप्त हुआ।