गढ़वा:
रांची में जारी छात्र आंदोलन के बीच पलामू के सांसद बीडी राम ने कहा कि सरकार को भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी की CBI जांच से परहेज क्यों है? बीडी राम ने कहा कि CBI में जो दक्षता है वह CID में नहीं है और इसलिए अभ्यर्थियों की मांग मानते हुए सरकार को JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायतों की CBI जांच की अनुशंसा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पूरे प्रकरण की CBI जांच होगी तो बात दूर तलक जाएगी, यही वजह है कि सरकार जांच नहीं कराना चाहती। बीडी राम ने कहा कि CBI में वह गुण है कि वह अनसुलझे मामलों को सुलझा लेती है, जबकि CID में यही दक्षता नहीं है। बीडी राम ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने पर कई बड़े नाम जद में आ सकते हैं। सरकार शायद कुछ बड़े नामों को बचाना चाहती है।

बीजेपी ने परीक्षा रद्द करने को नाकाफी बताया
सांसद बीडी राम ने कहा कि सरकार ने JSSC-CGL समेत कई भर्ती परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला किया है, लेकिन जब तक गड़बड़ियों की जांच केंद्रीय एजेंसी से नहीं कराई जाएगी, जीत नाकाफी है। गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी के बाकी नेताओं ने भी यही कहा है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार ने नियुक्ति परीक्षा रद्द कर दी और अब चयनित अभ्यर्थी कोर्ट जाएंगे। कोर्ट में सरकार जांच रिपोर्ट मांगेगी और सरकार वही पुरानी जांच रिपोर्ट पेश कर देगी। अभ्यर्थी सरकार के फैसले पर स्टे ऑर्डर ले आएंगे। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि छात्रों को CBI जांच के बिना अपना आंदोलन खत्म नहीं करना चाहिए।
सोमवार को सीएम हेमंत का कठोर फैसला
गौरतलब है कि सोमवार को कैबिनेट की आपात बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने JSSC-CGL समेत TDPL द्वारा ली गई सभी भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया। JPSC और JSSC में व्यापक सुधार के लिए IAS अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में कमिटी बनाने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि 2014 से जितनी भी भर्ती परीक्षाओं का आयोजन किया गया है, उन सबकी जांच होगी।