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NIT जमशेदपुर का पूर्व छात्र नोएडा हिंसा का निकला मास्टरमाइंड, पाकिस्तान कनेक्शन का भी खुलासा; आरोपियों पर रासुका की तैयारी

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जमशेदपुर

दिल्ली के नोएडा स्थित गौतमबुद्ध नगर में 13 अप्रैल को हुई हिंसा के पीछे कई चौंकाने वाले खुलासे हुए है। इस हिंसा का मास्टरमाइंड जमशेदपुर के एनआईटी का पूर्व बीटेक छात्र आदित्य आनंद था, जो मूल रूप से हजारीबाग का रहने वाला हैं।  इतना ही नहीं, इस दंगे को भड़काने में पाकिस्तान से संचालित दो एक्स अकाउंट की भी बड़ी भूमिका सामने आई है। यानि, हिंसा को आग देने के लिए पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स का सहारा लिया गया। पुलिस अब आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने और उनके बैंक खाते को फ्रीज करने की तैयारी में है।सोशल मीडिया के जरिए फैलाई गई अफवाहों ने बढ़ाई हिंसा
दिल्ली पुलिस ने अब तक घटना में शामिल दो युवकों को गिरफ्तार किया है, लेकिन अब भी आदित्य आनंद फरार है। इस हिंसा में बिहार के रहने वाले ऑटो चालक रूपेश रॉय और मनीषा चौहान भी शामिल थे। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, इस पूरे हिंसक प्रदर्शन को सुनियोजित ढंग से अंजाम दिया गया। आदित्य आनंद साल 2020 से देशभर में ऐसे आंदोलनों को भड़काने में सक्रिय था। आरोपी 31 मार्च और 1 अप्रैल को नोएडा पहुंचे थे। इसके बाद सेक्टर-14 सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में रेकी की। पुलिस जांच में पता चला है कि हिंसा को भड़काने के लिए मजदूर बिगुल दस्ता के नाम से कर्मियों को जोड़ा गया। इसके बाद 9 और 10 अप्रैल को मजदूरों को जोड़ने के लिए क्यूआर कोड के जरिए 800-800 सदस्य वाले तीन व्हाट्सएप ग्रुप बनाये गये। इन ग्रुप्स के माध्यम से भड़काऊ संदेश फैलाकर भीड़ को उकसाया गया, जिसके बाद प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठा।  पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि हिंसा के दौरान अनुषी तिवारी और मीर इलियास नाम के दो एक्स अकाउंट से लगातार भ्रामक और झूठी खबरें फैलाई जा रही थीं। ये दोनों अकाउंट पाकिस्तान से संचालित हो रहे थे। इनका मकसद भारत के औद्योगिक क्षेत्रों में अशांति फैलाना था। इसके जरिए 20 लोगों की मौत और 99 के घायल होने की झूठी सूचना फैलाई गई।आईपी और वीपीएन पाकिस्तान से जुड़े मिलने पर जांच एजेंसियां अलर्ट
एक्स की रिपोर्ट के अनुसार, दंगे के वक्त इन दोनों अकाउंट्स के आइपी एड्रेस और वीपीएन पाकिस्तान से मिले हैं। एटीएस की टीम अब इस पाकिस्तानी कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के मुताबिक, फरार आरोपी आदित्य आनंद की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जायेगा। इस मामले को देश की आंतरिक सुरक्षा से जोड़कर भी जांच कर रही है। इस पूरे हिंसा में आदित्य आनंद की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है। जब पुलिस ने आदित्य के साथियों को पकड़ा, तो उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए बाल कटवा लिए। अगले दिन फिर प्रदर्शन में शामिल हुआ। फिलहाल वह फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। नोएडा के फेज-2 (होजियरी कॉम्प्लेक्स) में सोमवार को कंपनी मजदूरों का प्रदर्शन हिंसक हो गया था। यहां जमकर पत्थरबाजी और वाहनों में आगजनी की गई थी। पुलिस जांच में साफ हुआ है कि यह कोई अचानक हुआ विरोध नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी।

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