द फॉलोअप डेस्क
गिरिडीह जिले के डुमरी थाना क्षेत्र अंतर्गत मधगोपाली पंचायत के दूधपनिया गांव निवासी प्रवासी मजदूर विजय कुमार महतो की मौत सऊदी अरब में गोली लगने से हो गई थी। यह घटना 24 अक्टूबर 2025 की है, लेकिन करीब तीन महीने बीत जाने के बावजूद अब तक न तो उनका शव भारत लाया जा सका है और न ही परिजनों को किसी प्रकार की सहायता मिल पाई है। इस वजह से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। मृतक की पत्नी बसंती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके दो छोटे बच्चे हैं- ऋषि (5 वर्ष) और रौशन (3 वर्ष)। शव नहीं आने के कारण परिवार का अंतिम संस्कार भी नहीं हो सका है और घर की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। परिजन हर दिन शव के आने की आस लगाए बैठे हैं।

बताया गया कि विजय कुमार महतो सऊदी अरब में हुंडई इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी में कार्यरत थे। पत्नी बसंती देवी के अनुसार, 15 अक्टूबर 2025 की शाम उनके पति का एक वॉइस मैसेज आया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि पुलिस किसी अन्य व्यक्ति पर गोली चला रही थी, लेकिन वह गोली गलती से उन्हें लग गई। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 24 अक्टूबर को उनकी मौत हो गई। कमाऊ बेटे की असमय मौत से विजय के अधेड़ माता-पिता भी पूरी तरह टूट चुके हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और घर में मातम पसरा हुआ है। प्रवासी मजदूरों के हित में काम करने वाले समाजसेवी सिकन्दर अली ने कहा कि इस क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग देश-विदेश में रोजगार के लिए जाते हैं। ऐसी घटनाओं के बाद मुआवजा और शव लाने की प्रक्रिया बेहद जटिल हो जाती है। कई बार मजदूरों के शव महीनों तक विदेश में ही पड़े रहते हैं, जिससे परिजनों को भारी मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ती है।

उन्होंने सरकार से मांग की है कि विजय कुमार महतो के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए और जल्द से जल्द उनका शव सऊदी अरब से भारत मंगवाया जाए, ताकि परिवार अंतिम संस्कार कर सके।