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चतरा के टंडवा में उग्रवादियों की बड़ी वारदात : आम्रपाली परियोजना में एनसीसी कंपनी का वोल्वो हाइवा फूंका

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द फॉलोअप डेस्क
चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र अंतर्गत आम्रपाली कोल परियोजना इलाके में उग्रवादियों ने एक बार फिर बड़ी आगजनी की घटना को अंजाम दिया है। शनिवार देर रात करीब 11:30 बजे कुमरांग खुर्द चौपाल के पास एनसीसी कंपनी के करोड़ों रुपये मूल्य के वोल्वो हाइवा को आग के हवाले कर दिया गया।

प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार 5 से 6 हथियारबंद नकाबपोश अपराधी सादे लिबास में मौके पर पहुंचे। उन्होंने परियोजना क्षेत्र में खड़े हाइवा को रुकवाया और चालक की कनपटी पर बंदूक सटाकर उसे वाहन से नीचे उतार दिया। इसके बाद अपराधियों ने वाहन पर पेट्रोल छिड़का और आग लगा दी। देखते ही देखते भारी मशीन धू-धू कर जल उठी और पूरी तरह राख में तब्दील हो गई।

इस घटना के पीछे की भूमिका पहले से तैयार की जा चुकी थी। करीब एक सप्ताह पहले प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमिटी) के प्रवक्ता कर्मवीर ने विज्ञप्ति जारी कर कोयला कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। विज्ञप्ति में कोयला उत्खनन को ‘विकास के नाम पर विनाश’ बताया गया था।

विज्ञप्ति में आरएस यादव, सत्यनारायण रेड्डी और सुमित चटर्जी को ‘आदमखोर’ बताते हुए चेतावनी दी गई थी कि यदि संगठन और जनता से बातचीत यानी लेवी नहीं हुई, तो सड़कों पर खून बहेगा। इसमें एनसीसी कंपनी के विनय ठाकुर, बीएलए के टीके राव और सामंता समेत कई कंपनियों के अधिकारियों को नामजद कर धमकी दी गई थी। इधर, जेजेएमपी के ‘शिवा जी’ ने भी कंपनियों के मैनेजरों और कर्मचारियों की सूची जारी कर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।

चौंकाने वाली बात यह है कि एनसीसी कंपनी के जीएम ने करीब एक सप्ताह पहले ही टीएसपीसी की धमकी को लेकर पुलिस को लिखित रूप से अवगत कराया था। इसके बावजूद उग्रवादी इस वारदात को अंजाम देने में सफल रहे, जिससे पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

घटना के बाद कोल परियोजना क्षेत्रों में काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। कई कर्मचारी माइनिंग साइट पर जाने से बच रहे हैं। लेवी के इस खूनी खेल में कंपनियों के कर्मचारी सॉफ्ट टारगेट बनते जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे इलाके को घेराबंदी कर पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है और लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। फिलहाल पुलिस उग्रवादी घटना की आधिकारिक पुष्टि से परहेज कर रही है और जांच जारी होने की बात कह रही है।