हजारीबाग:
झारखंड के हजारीबाग जिले में सामने आए बहुचर्चित ट्रेजरी घोटाले में प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. शुक्रवार को जिला प्रशासन ने मुख्य आरोपी सिपाही शंभू कुमार के भवानी चौक स्थित दुपुगढ़ा इलाके में बने आलीशान घर को सील कर दिया. बताया जा रहा है कि पुलिस विभाग के अकाउंट सेक्शन में तैनात रहे शंभू कुमार ने अपने 2 सहयोगियों के साथ मिलकर सरकारी खजाने से फर्जी तरीके से करोड़ों रुपये की निकासी की.
पुलिस ने शंभू कुमार और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
8 साल में 28 करोड़ रुपये की फर्जी निकासी
जांच में खुलासा हुआ है कि बीते करीब 8 वर्षों में ट्रेजरी से 28 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध निकासी की गई. यह राशि फर्जी लेन-देन के जरिए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती रही. इस बड़े घोटाले की पुष्टि उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने की थी.
4 सदस्यीय जांच टीम करेगी केस का पर्दाफाश
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर समाहर्ता की अध्यक्षता 4 सदस्यीय जांच टीम गठित की. जांच के दौरान 21 संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की गई, जिन्हें तुरंत फ्रीज करने का निर्देश दिया गया. इन खातों में मौजूद करीब 1.60 करोड़ रुपये की राशि को फिलहाल सुरक्षित कर लिया गया है. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस घोटाले में और भी लोगों की संलिप्तता की जांच की जा रही है. आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.