द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
मरांग बुरु संघर्ष समिति के महासम्मेलन में गांडेय विधायक कल्पना सोरेन पहुंच गई हैं। उनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम में जुटे लोगों के बीच उत्साह बढ़ा दिया है। सम्मेलन स्थल पर पहुंचते ही उन्होंने वहां मौजूद लोगों से आत्मीय मुलाकात की। खासकर महिलाओं के बीच पहुंचकर उन्होंने उनसे बातचीत की और उनका हालचाल जाना। इस दौरान कल्पना सोरेन महिलाओं के साथ बेहद सहज अंदाज में नजर आईं। उन्होंने खुशी-खुशी उनके साथ सेल्फी भी ली। विधायक का यह अपनापन और लोगों के बीच घुल-मिलकर बातचीत करने का अंदाज महिलाओं के साथ-साथ सम्मेलन में आए अन्य लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहा। उनके साथ तस्वीर लेने और मुलाकात करने के लिए लोगों में खास उत्साह देखने को मिला। सम्मेलन में उनकी मौजूदगी से कार्यक्रम का माहौल भी उत्साहपूर्ण नजर आया।

झारखंड समेत कई राज्यों और पड़ोसी देशों से पहुंचे आदिवासी प्रतिनिधि
मारंग बुरु संघर्ष समिति के इस महासम्मेलन में आदिवासी समाज का व्यापक जुटान हुआ है। झारखंड के सभी जिलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं। इसके अलावा असम, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा सहित देश के विभिन्न राज्यों से समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया है। इस आयोजन में पड़ोसी देशों नेपाल, बांग्लादेश और भूटान से भी प्रतिनिधि पहुंचे हैं। अलग-अलग राज्यों और देशों से आए प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने महासम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप दिया है। सम्मेलन में समाज के लोगों के बीच आपसी संवाद और विचारों के आदान-प्रदान का अवसर भी मिल रहा है।

संथाल समाज की परंपरा, धोरोमगढ़ और अधिकारों पर होगा मंथन
महासम्मेलन में संथाल समाज की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था, रीति-रिवाज, पूजा पद्धति, हासा भाषा, धोरोम, संस्कृति और जल, जंगल एवं जमीन से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों तथा धोरोमगढ़ के संरक्षण और संवर्धन पर भी विचार-विमर्श होगा। समाज के पारंपरिक अधिकारों को सुरक्षित रखने के उपायों पर चर्चा करते हुए कई सामाजिक और धार्मिक प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। सम्मेलन के माध्यम से समाज के भविष्य की दिशा तय करने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के भी पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। उनके कुछ ही देर में महासम्मेलन में शामिल होने की संभावना है।