द फॉलोअप डेस्क
जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा, सीडीपीओ, फूड सेफ्टी ऑफिसर और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के विज्ञापन रद्द करने की सरकार की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 15 सितंबर यानी आज झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। मामला जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में सूचीबद्ध है। इस मामले में अदालत के निर्देश के बावजूद सोमवार तक राज्य सरकार की ओर से जवाब दाखिल नहीं किया गया था। हाईकोर्ट ने सरकार को सात सितंबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। हालांकि, कुछ मामलों में जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने शपथ पत्र दाखिल किया है।

हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर
सीजीएल-2023, सीडीपीओ, जेपीएससी की 11वीं से 13वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती से हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य जुड़ा हुआ है। इन परीक्षाओं के रद्द होने के बाद से भर्ती प्रक्रिया लंबी अनिश्चितता में फंसी हुई है। इससे उम्मीदवारों के बीच असमंजस और चिंता बनी हुई है। ऐसे में झारखंड हाईकोर्ट में होने वाली आज की सुनवाई को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अभ्यर्थियों की नजर इस बात पर टिकी है कि राज्य सरकार अदालत में क्या पक्ष रखती है और हाईकोर्ट इस मामले में आगे क्या निर्देश जारी करता है।

इन याचिकाओं पर होनी है सुनवाई
माना जा रहा है कि अदालत का अगला आदेश इन विवादित भर्ती प्रक्रियाओं की आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। रमेश उरांव व अन्य ने सीजीएल परीक्षा-2023, जबकि सुभाष मुर्मू व अन्य ने सीडीपीओ नियुक्ति परीक्षा रद्द करने की अधिसूचना को चुनौती दी है। दीपमाला, आशीष अक्षत, आकांक्षा मिंज व अन्य ने जेपीएससी की 11वीं से 13वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का विज्ञापन रद्द करने के खिलाफ याचिका दायर की है। वहीं, सौरभ सिंह व अन्य ने फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा रद्द करने को चुनौती दी है।