जामताड़ा
Jamtara News: जामताड़ा समाहरणालय सभागार में उपायुक्त आलोक कुमार की अध्यक्षता में जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी (DeGS) की महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य जिले में डिजिटल सेवाओं को अधिक सुगम, पारदर्शी और जनोपयोगी बनाना है। बैठक के दौरान उपायुक्त ने आईआरएडी (IRAD), प्रज्ञा केंद्र (CSC), झारसेवा पोर्टल, यूआईडीएआइ (UIDAI), संचार मीनार और डिजिटल पंचायत जैसी प्रमुख डिजिटल योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से अब तक के कार्यों का अद्यतन ब्योरा लेते हुए जमीनी स्तर पर आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

प्रज्ञा केंद्रों और इंटरनेट कनेक्टिविटी पर विशेष जोर
प्रज्ञा केंद्रों (कॉमन सर्विस सेंटर) की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कैटेगरीवार सभी केंद्रों की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जो प्रज्ञा केंद्र वर्तमान में निष्क्रिय अवस्था में हैं, उन्हें शीघ्र अति शीघ्र पुनः प्रारंभ किया जाए। इसके साथ ही, डिजिटल पंचायत और भारत नेट कनेक्टिविटी की समीक्षा करते हुए सभी पंचायतों में निर्बाध इंटरनेट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सड़क निर्माण के दौरान ऑप्टिकल फाइबर केबल क्षतिग्रस्त होने से कई जगहों पर इंटरनेट सेवाएं बाधित पाई गईं, जिस पर उपायुक्त ने तुरंत मरम्मत के निर्देश दिए। उन्होंने खराब नेटवर्क गुणवत्ता और 'शैडो एरिया' (नॉन-कनेक्टिविटी क्षेत्र) का त्वरित सर्वे कर चिह्नित करने और वहां नेटवर्क सुधार के लिए ठोस कदम उठाने को कहा। साथ ही, समाहरणालय परिसर में बीएसएनएल नेटवर्क को सुदृढ़ करने के भी निर्देश दिए गए।

झारसेवा पोर्टल के लंबित मामलों पर सख्ती
झारसेवा पोर्टल पर लंबित मामलों (पेंडेंसी) को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने सभी अंचलाधिकारियों को एसआईआर (SIR) कार्य के तहत नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई करने को कहा। अपर समाहर्ता को नियमित रूप से इसकी प्रगति की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया ताकि मामलों का समयबद्ध निपटारा हो सके। इसके अलावा डिजिटल लाइब्रेरी, विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम और 'नीलिट' (NEILIT) के माध्यम से युवाओं को तकनीकी शिक्षा देने की तैयारियों की भी समीक्षा हुई।
.jpeg)
विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम से मिलेगी बड़ी राहत
जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी ने विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम प्रोजेक्ट की प्रगति और कार्यप्रणाली से उपायुक्त को अवगत कराया। उपायुक्त ने बताया कि यह सेवा जल्द ही जिलेवासियों के लिए शुरू की जाएगी, जिससे सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अपनी शिकायतों या आवेदनों के लिए बार-बार जिला मुख्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी। नागरिक घर बैठे ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकेंगे और अपने आवेदन की प्रगति की लाइव जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। बैठक के अंत में उपायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए। इस पहल से आने वाले दिनों में जामताड़ा जिले में डिजिटल और प्रशासनिक सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। इस उच्चस्तरीय बैठक में जिला स्तर के कई प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।