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फर्जी KYC और ATM ब्लॉक के नाम पर ठगी, जामताड़ा में तीन साइबर अपराधी गिरफ्तार 

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जामताड़ा 

साइबर अपराध का गढ़ माने जाने वाले जामताड़ा में पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन शातिर साइबर अपराधियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक (SP) शंभु कुमार सिंह को मिली सटीक गुप्त सूचना के आधार पर साइबर पुलिस उपाधीक्षक (DSP) अमित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया था, जिसने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर इस गिरोह का पर्दाफाश किया। पुलिस की पहली कार्रवाई जामताड़ा थाना क्षेत्र के सोनबाद गांव में हुई, जहां बिक्रम दाँ के घर पर छापेमारी कर उसे साइबर ठगी करते हुए गिरफ्तार किया गया।

बैंक अधिकारी बनकर लोगों को झांसे में लेता था

वहीं, दूसरी कार्रवाई मिहिजाम थाना क्षेत्र के बेवा गांव से करीब 400 मीटर उत्तर सागवान व शीशम के जंगल में की गई। वहां से दो अन्य अपराधियों जय कुमार दास और हेमंत दास को दबोचा गया। पुलिस ने छापेमारी में 6 मोबाइल फोन, 8 फर्जी सिम कार्ड, 2 एटीएम कार्ड, 1 मोटरसाइकिल बरामद की है। इस संबंध में जामताड़ा साइबर अपराध थाना में कांड संख्या 48/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS-2023), आईटी एक्ट (IT Act) और टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट की संगीन धाराओं के तहत मामला कायम किया गया है। जांच में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार बिक्रम दाँ खुद को बैंक अधिकारी बताकर बैंक ऑफ इंडिया का एटीएम कार्ड बंद होने और केवाईसी (KYC) अपडेट कराने के नाम पर लोगों को झांसे में लेता था।

मोबाइल नंबर जुटाकर केवाईसी के नाम पर फर्जी कॉल

वहीं, जय कुमार दास और हेमंत दास 'अमेजन पे' (Amazon Pay) ऐप के जरिए मोबाइल नंबर जुटाकर केवाईसी के नाम पर फर्जी कॉल करते थे और ई-वॉलेट के माध्यम से पैसे उड़ा लेते थे। इसके अलावा, ये दोनों अपने अन्य सहयोगियों को बैंक खाते और एटीएम कार्ड भी मुहैया कराते थे। पुलिस के अनुसार, इनका जाल देश के कई राज्यों में फैला हुआ था। इस सफल अभियान में थाना प्रभारी राजेश मंडल, पुलिस निरीक्षक नितिश कुमार, मनीष कुमार गुप्ता, एएसआई हीरालाल महतो व रिजर्व गार्ड शामिल थे। मामले की आगे की जांच जारी है।

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