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इंडिगो पर 22 करोड़ रुपये का जुर्माना, कमजोर प्लानिंग से उड़ानें हुईं थी प्रभावित

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द फॉलोअप डेस्क
एविएशन रेगुलेटर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने इंडिगो एयरलाइंस पर बड़ी कार्रवाई की है। जांच में गंभीर खामियां पाए जाने के बाद एयरलाइन पर 22 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। DGCA के मुताबिक, क्रू से तय सीमा से अधिक काम लेना, कमजोर ऑपरेशनल प्लानिंग और बदले हुए ड्यूटी टाइम नियमों को सही तरीके से लागू न करने के कारण बड़ी संख्या में फ्लाइट्स देरी का शिकार हुईं और कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। जांच में सामने आया है कि इंडिगो मैनेजमेंट ने एक ऐसा ऑपरेशनल मॉडल अपनाया था, जिसमें कम से कम संसाधनों के सहारे अधिकतम काम लेने पर जोर दिया गया। इसमें क्रू, विमान और नेटवर्क संसाधनों का अत्यधिक उपयोग किया गया, जिससे किसी भी तरह की रुकावट या आपात स्थिति से निपटने की गुंजाइश बेहद कम रह गई। इसका सीधा असर एयरलाइन की ऑपरेशनल क्षमता पर पड़ा और पूरा सिस्टम दबाव में आ गया।


DGCA की रिपोर्ट के अनुसार, क्रू रोस्टर इस तरह से तैयार किए गए थे कि तय ड्यूटी टाइम की सीमा को अधिकतम इस्तेमाल किया जा सके। इससे रोस्टर की लचीलापन खत्म हो गई और जैसे ही किसी तरह की बाधा आई, ऑपरेशन को संभालने के विकल्प सीमित रह गए। नतीजतन, उड़ानों में लगातार देरी और बड़े पैमाने पर कैंसिलेशन देखने को मिला। जांच टीम ने कहा कि सभी संसाधनों के अधिकतम इस्तेमाल पर जरूरत से ज्यादा फोकस करने से सिस्टम में कमजोरियां पैदा हुईं, जो समय के साथ और गहराती चली गईं। इसका असर यात्रियों की सुविधा और उड़ान संचालन पर साफ तौर पर दिखा।


DGCA ने इंडिगो के सीईओ को फ्लाइट ऑपरेशंस और संकट प्रबंधन की समुचित निगरानी में कमी को लेकर चेतावनी जारी की है। वहीं, अकाउंटेबल मैनेजर और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) को संशोधित फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FTDL) नियमों के प्रभाव का सही आकलन न कर पाने के लिए चेताया गया है। FTDL नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि पायलट और अन्य क्रू तय सीमा से अधिक काम न करें, ताकि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। इसके अलावा ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर की जिम्मेदारी संभाल रहे सीनियर वाइस प्रेसिडेंट को भी चेतावनी दी गई है और उन्हें मौजूदा ऑपरेशनल जिम्मेदारियों से हटाने का निर्देश दिया गया है। DGCA ने यह भी कहा है कि सिस्टमैटिक प्लानिंग और समय पर फैसले लागू करने में विफल रहने के कारण उन्हें भविष्य में किसी भी जिम्मेदार पद पर न रखा जाए। 22.20 करोड़ रुपये के जुर्माने के साथ-साथ इंडिगो को यह भी निर्देश दिया गया है कि वह रेगुलेटरी नियमों के पालन और लंबी अवधि में सिस्टम सुधार सुनिश्चित करने के लिए 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करे।