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झारखंड में 5 स्टार होटल में बार सुबह 4 बजे तक, 3 और 4 स्टार में रात 2 बजे तक संचालन की अनुमति

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द फॉलोअप डेस्क
झारखंड सरकार ने होटलों और रेस्तरां में बार संचालन को लेकर नई मद्य भंडारण एवं थोक बिक्री नियमावली 2026 लागू करने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत राज्य के तीन और चार स्टार होटलों में रात 2 बजे तक और फाइव स्टार होटलों में सुबह 4 बजे तक बार संचालित करने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि रांची, पूर्वी सिंहभूम, धनबाद और सरायकेला-खरसांवां जिलों को छोड़कर अन्य जिलों में तीन और चार स्टार से नीचे के होटलों और रेस्तरां में बार संचालन रात 12 बजे या 1 बजे तक ही होगा। वर्तमान में यह नियम झारखंड उत्पाद होटल, रेस्तरां, बार एवं क्लब (अनुज्ञापन एवं संचालन) नियमावली, 2022 के तहत लागू है, जिसके अनुसार सभी होटलों और रेस्तरां में बार रात 12 बजे तक ही खुल सकता था। नई नियमावली के अनुसार, फाइव स्टार होटलों को एसपी से एनओसी लेने पर रात 4 बजे तक बार खोलने की अनुमति होगी। वहीं, तीन और चार स्टार होटलों में रात 2 बजे तक बार संचालित किया जा सकेगा।


लाइसेंस शुल्क में बदलाव
नियमावली में होटल और बार के लाइसेंस शुल्क को भी वार्षिक आधारित किया गया है, जिससे पहले के त्रैमासिक शुल्क का प्रावधान समाप्त हो गया है।
5 स्टार होटल:
आवेदन शुल्क: 2 लाख रुपये
जमानत: 6 लाख रुपये
बंद जगह पर वार्षिक शुल्क: रात 12 बजे तक 20 लाख, रात 2 बजे तक 22 लाख, रात 4 बजे तक 24 लाख
खुले स्थान पर वार्षिक शुल्क: रात 12 बजे तक 22 लाख, रात 2 बजे तक 24 लाख, रात 4 बजे तक 26 लाख
3 और 4 स्टार होटल:
आवेदन शुल्क: 1 लाख रुपये
जमानत: 6 लाख रुपये
बंद जगह पर वार्षिक शुल्क: रात 12 बजे तक 15 लाख, रात 2 बजे तक 17 लाख
खुले स्थान पर वार्षिक शुल्क: रात 12 बजे तक 17 लाख, रात 2 बजे तक 19 लाख
अन्य जिलों के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र:
आवेदन शुल्क: 1 लाख रुपये
जमानत: 5-6 लाख रुपये
बंद जगह/खुले स्थान पर शुल्क: रात 12 बजे और 2 बजे के अनुसार अलग-अलग


अस्थाई बार संचालन
मनोरंजन स्थल, क्लब, मैरेज हाल, रिसॉर्ट, फार्म हाउस आदि में अस्थाई बार लाइसेंस के लिए शुल्क:
बंद जगह: रात 12 बजे तक 10-20 हजार रुपये/दिन
खुले स्थान: रात 12 बजे तक 20-40 हजार रुपये/दिन
फाइव स्टार होटल में खुले स्थान पर: रात 12 बजे तक 40 हजार, रात 2 बजे तक 50 हजार रुपये/दिन


अन्य प्रावधान
लाइसेंस निलंबन, निरस्तीकरण और अपील के नियम स्पष्ट किए गए हैं।
अतिरिक्त लाइसेंस शुल्क देने और जिला एसएसपी की अनुमति मिलने पर बार संचालन की अवधि बढ़ाई जा सकेगी।
केंद्र और राज्य सरकार के क्लब, स्टेट गेस्ट हाउस आदि के लिए विशेष शुल्क और जमानत निर्धारित की गई है।
उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने नई नियमावली का प्रारूप जारी कर सार्वजनिक सुझाव आमंत्रित किए हैं।