द फॉलोअप डेस्क
जमशेदपुर में अब किसी की मदद के लिए आगे बढ़ना भी जानलेवा साबित हो रहा है। सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के एग्रिको सिग्नल के पास सोमवार को मोमो खा रहे युवकों पर बदमाशों ने चापड़ से हमला कर दिया। वजह सिर्फ इतनी थी कि इन युवकों ने सड़क पर एक अन्य युवक से हो रही जबरदस्ती का विरोध किया और पीड़ित को बचाने की कोशिश की। इस हमले में गोलमुरी थाना क्षेत्र के गाढ़ाबासा स्थित मथुराबगान निवासी चंदन कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे खून से लथपथ हालत में तत्काल टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चंदन अपने तीन दोस्तों के साथ एग्रिको सिग्नल के पास खड़ा होकर मोमो खा रहा था। तभी बाइक पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे और एक अन्य युवक को जबरन उठाकर ले जाने लगे। चंदन और उसके दो दोस्तों रोहित और प्रियरंजन ने साहस दिखाते हुए इसका विरोध किया और तुरंत पास से गुजर रहे पीसीआर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर सिदगोड़ा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर वहां से भेज दिया। हालांकि पुलिस के हटते ही कुछ ही देर बाद 10 से 12 की संख्या में युवक दोबारा मौके पर पहुंचे और चंदन व उसके दोस्तों को घेर लिया। मारपीट के दौरान एक बदमाश ने चापड़ निकालकर चंदन के दाहिने हाथ पर वार कर दिया। हमला इतना गंभीर था कि चंदन वहीं गिर पड़ा। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

यह घटना सिर्फ एक हमला नहीं, बल्कि जमशेदपुर में तेजी से पनप रहे एक खतरनाक अपराधी चलन की ओर इशारा करती है। हाल के महीनों में शहर के कई थाना क्षेत्रों में चापड़ से हमले के लगातार मामले सामने आये हैं। चाकू और पिस्टल के बाद अब बदमाशों ने चापड़ को अपना नया हथियार बना लिया है, जिससे सरेआम दहशत फैल रही है। अब सवाल यह है कि जब अपराधी खुलेआम चापड़ लेकर सड़कों पर घूम रहे हैं, तो आम नागरिक कितना सुरक्षित है? पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हमलावरों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।