द फॉलोअप डेस्क
बड़कागांव स्थित पकरी बरवाडीह कोल माइनिंग परियोजना को लेकर वर्षों से चल रहे विवादों में RTI से बड़ा खुलासा हुआ है। इस खुलासे में NTPC ने आधिकारिक तौर पर माना है कि इस परियोजना से कुल 34 गांव सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। दरअसल, यह जानकारी बड़कागांव थाना क्षेत्र के जुगरा गांव निवासी नेपुल कुमार द्वारा दायर आरटीआई के जवाब में दी गई है। बताते चलें कि यह RTI 17 जनवरी 2026 को भारत सरकार के RTI पोर्टल पर डाली गई थी। जिस पर NTPC के केंद्रीय जन सूचना अधिकारी विकास कुमार ने 30 जनवरी 2026 को इसका जवाब दिया था।

बताते चलें कि RTI में यह सवाल पूछा गया था कि पकरी बरवाडीह कोल परियोजना से जितने गांव प्रभावित हैं उनकी सूची दी जाए। जिसके जवाब में NTPC के द्वारा खुलासा किया गया कि 34 गांव इस परियोजना के दायरे में आते हैं। बकायदा, सभी गांवों के नाम भी उपलब्ध कराए गए। वहीं, ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि इन गांवों में जमीन अधिग्रहण, विस्थापन, मुआवजा, पुनर्वास और पर्यावरण को लेकर लंबे समय से परेशानी बनी हुई है। खेती की जमीन और जंगल भी प्रभावित हुए हैं, जिससे लोगों की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ा है।

ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से प्रभावित गांवों की आधिकारिक सूची सार्वजनिक करने की मांग कर रहे थे। अब आरटीआई से सामने आई यह सूची प्रशासन, एनटीपीसी और ग्रामीणों के बीच बातचीत का आधार बनेगी। वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि अब सरकार और कंपनी को इन्हीं 34 गांवों को ध्यान में रखकर मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार की योजना बनानी होगी।