द फॉलोअप, हजारीबाग
हजारीबाग कोषागार से वेतन निकासी फर्जीवाड़े के मामले में सीआईडी की एसआईटी ने सोमवार को अप्राथमिकी अभियुक्त सौरभ कुमार सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से बैंक खाता से जुड़े दस्तावेज, आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल फोन और बाइक जब्त की गई है। इसके साथ ही उसके बैंक खाते में जमा 1.50 करोड़ रुपये का फिक्स डिपॉजिट (एफडी) फ्रीज करा दिया गया है। साथ ही खाते में मौजूद 18,86,467 रुपये की राशि भी सीज कर दी गई है।

मनी ट्रेल में अहम भूमिका, अन्य आरोपियों के साथ रची साजिश
जांच एजेंसी के अनुसार, सौरभ कुमार सिंह मूल रूप से बिहार के रोहतास का रहने वाला है और फिलहाल हजारीबाग के जानकी प्रजापति हीराबाग चौक क्षेत्र में रह रहा था। अनुसंधान में सामने आया है कि उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर सरकारी राशि की अवैध निकासी की साजिश रची थी। इस फर्जीवाड़े के वित्तीय लेन-देन यानी मनी ट्रेल में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका पाई गई है। एसआईटी के अनुसार, आरोपी के एसबीआई खाते (संख्या-33894930737) में पूर्व अनुसंधान के दौरान 1.50 करोड़ रुपये का एफडी पाया गया, जिसे अब फ्रीज कर दिया गया है। उसके खिलाफ बीएनएस, आईटी एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

अब तक 9 गिरफ्तार, कई सरकारी कर्मी शामिल
इस मामले में एसआईटी अब तक कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें हजारीबाग के छह आरोपी शामिल हैं। गिरफ्तार लोगों में लेखापाल शंभु सिंह, उसकी पत्नी काजल, सिपाही रजनीश कुमार, उसकी पत्नी खुशबू सिंह, सिपाही धर्मेंद्र सिंह, बोकारो के लेखापाल कोशल पांडेय, होमगार्ड सतीश कुमार, एएसआई अशोक कुमार भंडारी और काजल मंडल शामिल हैं। जांच एजेंसी पूरे मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है और फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।