द फॉलोअप,बिहार
राज्य में सोमवार को तेज आंधी, वज्रपात और बारिश के कारण कुल 27 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में 18 लोग की मृत्यु वज्रपात से हुई, जिनमें 8 मासूम बच्चे भी शामिल हैं। साथ ही 8 लोगों की दीवार या पेड़ गिरने से दबकर मौत हुई।

“काल बैसाखी” बनी काल
दरअसल यह तबाही काल बैसाखी के कारण हुई है। सूत्रों के मुताबिक, सबसे अधिक 7 मौतें गया जिले में हुई है। वहीं बाढ़ में भी दीवार गिरने से दो लोगों की मौत हुई है। बताया जा रहा है कि शेरघाटी में आम चुनने गए तीन बच्चों पर आकाशीय बिजली गिर गई। इसके अलावा औरंगाबाद, पूर्वी चंपारण, भोजपुर और नालंदा समेत कई जिलों से भी जान-माल के नुकसान की खबरें सामने आई हैं। वैशाली के पटेढ़ी बेलसर में एक बुजुर्ग की मौत बरगद का पेड़ गिरने से हुई। रोहतास के डेहरी में कोयला भट्ठे पर काम कर रहे मजदूरों पर भी बिजली गिरी, जिसमें एक मजदूर की मौत हो गई। इस दौरान सड़कों पर पेड़ गिरने के कारण कई घंटों तक यातायात बाधित रहा और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।

बिजली संकट और फसलों को भारी नुकसान
आंधी-बारिश ने राज्य की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया है। विशेष रूप से गोपालगंज जिले में भारी नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है कि 70 बिजली के खंभे और 12 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे पूरे क्षेत्र की आपूर्ति ठप हो गई। वहीं पटना सहित 10 जिलों में संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन प्रभावित परिवारों का आकलन किया जा रहा है ताकि, सहायता प्रदान की जाए।