रांची
झारखंड राज्य युवा आयोग की बैठक बुधवार को आयोग के अध्यक्ष कुमार गौरव की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी। बैठक में कुमार गौरव ने कहा कि उच्च और तकनीकी शिक्षण में होने वाले व्यय का वहन राज्य के अधिसंख्य, खासकर अनुसूचित जनजाति के युवा नहीं कर पाते हैं। "गुरुजी क्रेडिट कार्ड" के लिए राज्य के युवाओं की ओर से आयोग हेमंत सरकार के प्रति आभार व्यक्त करता है। आयोग सभी बैंकों से आग्रह करता है कि वे शिक्षण ऋण की ब्याज दरों को कम रखें तथा "गुरुजी क्रेडिट कार्ड" की सीमा पन्द्रह लाख से बढ़ाकर पचास लाख की जाए। राज्य में व्यापार और उद्योग की स्थापना में रुचि रखने वाले युवा स्थानीय स्तर पर सफलतापूर्वक उद्यम कर रहे हैं।

उन्हें पूंजीगत पोषण उपलब्ध कराने के लिए आयोग ने सरकार से आग्रह किया है। इसी तरह राज्य के कई जिलों में संचालित अनेक आदिवासी छात्रावास देख-रेख के अभाव में बदतर स्थिति में हैं। इस वजह से वहां रहने वाले युवाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए सरकार राज्य के सभी आदिवासी छात्रावासों की मरम्मति कराए। आयोग के संज्ञान में यह बात आई है कि राज्य के खेल के मैदान, स्टेडियम, एस्ट्रोटर्फ, आदि जैसी खेल आधारभूत संरचनाएं और खेल सुविधाओं का उपयोग भुगतान के आधार किया जा रहा है।

खिलाड़ियों, फिटनेस के प्रति जागरूक युवाओं तथा संस्थानों को इनका निशुल्क उपयोग करने की अनुमति दी जाए। युवा आयोग को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बजटीय उपबंध का आवंटन कराया जाए। बैठक में आयोग के सदस्य विशाल तिर्की और सुनील टुडू तथा आयोग के सदस्य सचिव वेद रत्न मोहन उपस्थित रहे।
