logo

बोकारो होकर चलने वाली ट्रेनों में घटे जनरल कोच, आम यात्रियों की बढ़ी परेशानी

TRAIN20.jpg

द फॉलोअप डेस्क
बोकारो होकर गुजरने वाली कई प्रमुख ट्रेनों में जनरल बोगियों की संख्या घटाए जाने से आम यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। खासकर गरीब तबके के मजदूरों और मध्यम वर्ग के यात्रियों को इसका सबसे अधिक खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

कोविड काल के दौरान भीड़ नियंत्रण के उद्देश्य से रेलवे ने ट्रेनों में जनरल बोगियों की संख्या कम कर दी थी। हालांकि महामारी का प्रभाव कम होने के बावजूद कई ट्रेनों में अब तक जनरल कोचों की संख्या बहाल नहीं की गई है, जिससे यात्रियों में नाराजगी देखी जा रही है।

बताया जा रहा है कि वर्ष 2021 से 2026 के बीच भारतीय रेलवे ने अपनी परिचालन नीति में बदलाव करते हुए कई एक्सप्रेस ट्रेनों के कोच संयोजन में बड़े स्तर पर फेरबदल किया है। इसी क्रम में बोकारो होकर गुजरने वाली ट्रेनों में एलएचवी रैक को बढ़ावा दिया गया है।

रेलवे द्वारा कई ट्रेनों में जनरल बोगियों को हटाकर उनकी जगह एसी-3 इकोनॉमी और अन्य आरक्षित कोच जोड़े गए हैं। इससे बिना आरक्षण यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए सीट पाना बेहद मुश्किल हो गया है।

पुरी से आनंद विहार के बीच चलने वाली अधिकांश ट्रेनों में जनरल बोगियों में यात्रियों की अत्यधिक भीड़ देखने को मिल रही है। हालत यह है कि जरूरत से कहीं ज्यादा यात्री इन डिब्बों में सफर करने को मजबूर हैं।

अधिक भीड़ के कारण गरीब, मजदूर और मध्यम वर्ग के यात्रियों को मजबूरी में अधिक पैसे खर्च कर आरक्षित टिकट लेना पड़ रहा है। कई यात्रियों का कहना है कि पहले वे जनरल बोगी में आराम से यात्रा कर लेते थे, लेकिन अब हालात बेहद खराब हो गए हैं।

पुरुषोत्तम एक्सप्रेस की बात करें तो इस ट्रेन में फिलहाल केवल दो जनरल कोच रह गए हैं, जबकि पहले इसमें चार जनरल बोगियां हुआ करती थीं। दो बोगियां कम होने से भीड़ अत्यधिक बढ़ गई है और कई यात्रियों को ट्रेन छूटने की स्थिति में स्लीपर कोच में चढ़ना पड़ता है।

नीलांचल एक्सप्रेस में भी कोच परिवर्तन के बाद से जनरल और स्लीपर बोगियों की संख्या घटा दी गई है। इसका सीधा असर आम यात्रियों पर पड़ रहा है, जिन्हें सफर के दौरान भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।

रांची-आनंद विहार झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस में पांच वर्ष पहले छह जनरल बोगियां थीं, लेकिन अब इनकी संख्या घटा दी गई है। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

इसी तरह बोकारो-हावड़ा एक्सप्रेस में पहले छह जनरल कोच हुआ करते थे, जिन्हें घटाकर अब मात्र दो से तीन कर दिया गया है। वहीं हटिया से पूर्णिया कोर्ट के बीच चलने वाली कोसी सुपर एक्सप्रेस में पहले छह जनरल कोच थे, जो अब घटकर पांच रह गए हैं। यह ट्रेन भी बोकारो होकर गुजरती है और इसमें यात्रियों की भारी भीड़ रहती है।