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पाकुड़ में अग्निकांड रोकने को लेकर प्रशासन का विशेष अभियान, मॉक ड्रिल से लोगों को किया जा रहा जागरूक

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पाकुड़

दिल्ली समेत देश के विभिन्न हिस्सों में हाल के दिनों में हुई अग्निकांड की घटनाओं के बाद पाकुड़ जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। उपायुक्त (DC) मेघा भारद्वाज के निर्देश पर जिले में संचालित होटल, लॉज, अतिथि गृह, रेस्टोरेंट और नर्सिंग होम में अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनसुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का पालन हो और किसी भी संभावित दुर्घटना से समय रहते बचाव किया जा सके। निरीक्षण अभियान के तहत अनुमंडल पदाधिकारी साइमन मरांडी, कार्यपालक दंडाधिकारी विकास कुमार त्रिवेदी तथा जिला अग्निशमन पदाधिकारी अजय कुमार सिंह की संयुक्त टीम विभिन्न प्रतिष्ठानों में जाकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन जांच कर रही है। टीम द्वारा फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, पानी की उपलब्धता तथा अन्य आवश्यक अग्निशमन संसाधनों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में सुरक्षा व्यवस्था संतोषजनक पाई गई, जबकि कई स्थानों पर जरूरी सुधार की आवश्यकता चिन्हित की गई है।

बिना एनओसी संचालन पर प्रशासन सख्त

उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने स्पष्ट किया है कि भवन प्रमंडल विभाग एवं अग्निशमन विभाग से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) प्राप्त करने के बाद ही होटल, लॉज और अतिथि गृहों का संचालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े नियमों की अनदेखी किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की कमी पाई गई है, उन्हें सात दिनों के भीतर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त कर निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही अनुपालन प्रतिवेदन भी प्रशासन को सौंपने को कहा गया है। प्रशासनने चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि के भीतर कमियां दूर नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन स्टैंडर्ड्स (NBCS)-2026, बिल्डिंग बाय-लॉज 2016 और फायर सेफ्टी रूल्स के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। प्रशासन ने संयुक्त जांच समिति को भी जल्द से जल्द विस्तृत प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया है, ताकि आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

अग्निशमन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है

वहीं जिला अग्निशमन पदाधिकारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि अग्निशमन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिले में कहीं भी आग लगने की सूचना मिलने पर लोग तुरंत 112 पर कॉल कर सकते हैं या नजदीकी थाना से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सूचना प्राप्त होने के दो मिनट के भीतर अग्निशमन टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो जाएगी। अजय कुमार सिंह ने प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की कि जिनके पास अब तक अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण-पत्र नहीं है, वे ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करें। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पाकुड़ जिले में केवल दो प्रतिष्ठानों के पास ही वैध अग्निशमन एनओसी उपलब्ध है। विभाग मॉक ड्रिल और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को अग्नि सुरक्षा के प्रति लगातार जागरूक कर रहा है।

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