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JTET परीक्षा के एडमिट कार्ड में किस गड़बड़ी की शिकायत लेकर JAC कार्यालय पहुंचे अभ्यर्थी

JTET परीक्षा के एडमिट कार्ड में किस गड़बड़ी की शिकायत लेकर JAC कार्यालय पहुंचे अभ्यर्थी

द फॉलोअप डेस्क, रांची:

जेटेट परीक्षा  (JTET Examination) के एडमिट कार्ड में कथित गड़बड़ी का दावा किया गया है। दावा है कि इससे राज्यभर के करीब 12 हजार अभ्यर्थी प्रभावित हो सकते हैं। सोमवार को अपनी समस्या बताने विभिन्न जिलों से अभ्यर्थी रांची स्थित झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC Board Office) के कार्यालय पहुंचे। इन अभ्यर्थियों का दावा है कि आवेदन में सुधार के दौरान जैक बोर्ड ने उन्हें विषय चयन में तीसरा विकल्प जोड़े जाने की जानकारी नहीं दी और इस वजह से हजारों अभ्यर्थी सही विकल्प का चयन नहीं कर सके। अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्ष 2024 और 2026 में आवेदन के दौरान विषय चयन के लिए केवल 2 ही विकल्प दिया गया था। तब साइंस और सोशल स्टडीज ही विकल्प के रूप में मौजूद थे।

अभ्यर्थियों ने बताया कि अधिकांश अभ्यर्थियों ने एसएसटी यानी सोशल स्टडीज का चयन किया क्योंकि वे कला संकाय से संबंधित विषयों की पढ़ाई करते हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि आवेदन प्रक्रिया को लेकर उन्हें लगा था कि CTet की तर्ज पर आयोजित होने वाली परीक्षा के अनुरूप भी यही परीक्षा ली जाएगी। उनका तर्क है कि इसलिए उन्होंने उपलब्ध विकल्पों के आधार पर ही आवेदन फॉर्म भरा था, लेकिन बाद में उसमें तीसरा विकल्प लैंग्वेज जोड़ दिया गया। 

सुधार में तीसरा विकल्प जोड़ने की जानकारी नहीं थी
अभ्यर्थियों का कहना है कि आवेदन जमा करने के बाद जब सुधार का मौका मिला तो उसमें तीसरा विकल्प लैंग्वेज जोड़ दिया गया, जिसकी जानकारी नहीं दी गई। अभ्यर्थियों का कहना है कि जिन्होंने 2024 और 2026 में पहले ही आवेदन किया था, उनमें से किसी ने यह सोचकर सुधार नहीं किया कि उनके आवेदन में किसी प्रकार की त्रुटि नहीं है। उनको जानकारी ही नहीं थी कि विषय चयन के विकल्पों में बदलाव किया गया है। 

भाषा शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की चिंता
अभ्यर्थियों का आरोप है कि जैक की ओर से इस बदलाव की जानकारी नहीं दी गई। इसी वजह से पहले चुने गए सोशल स्टडीज विकल्प को वे सही मानते रहे। अब जबकि एडमिट कार्ड जारी किया गया है, उनके सामने विषय संबंधी परेशानी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि भाषा विषय का शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए स्थिति ज्यादा विकट है, क्योंकि वे निर्धारित विकल्प के अनुरूप अपना आवेदन नहीं कर पाए हैं। अभ्यर्थियों की चिंता है कि यदि वे परीक्षा में सफल भी हो जाते हैं तो विषय संबंधी पात्रता की वजह से भविष्य में उन्हें शिक्षक नियुक्ति से वंचित होना पड़ सकता है।

उनका कहना है कि आवेदन के समय केवल 2 ही विकल्प थे और बाद में तीसरा विकल्प जोड़ा गया तो इसकी जानकारी सभी अभ्यर्थियों को दी जानी चाहिए थी। समय पर जानकारी नहीं मिलने का खामियाजा अब अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ सकता है।

अब मामला यह है कि कई प्रवेश पत्रों में आवेदन के मुताबिक विषय दर्ज नहीं है बल्कि एडमिट कार्ड में हिंदी, अंग्रेजी अथवा किसी अन्य भाषा की जगह सोशल स्टडीज लिखा गया है। 

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