द फॉलोअप डेस्कः
झारखंड विधानसभा का बजट सत्र बुधवार से शुरू हो रहा है। सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी, जिसमें सरकार अपनी उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत करेगी। यह सत्र 19 मार्च तक चलेगा और कुल 17 कार्य दिवस निर्धारित किए गए हैं। 23 फरवरी को निकाय चुनाव के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित रहेगी, ताकि विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में मतदान प्रक्रिया में भाग ले सकें। इस निर्णय पर स्पीकर रबींद्र नाथ महतो की अध्यक्षता में हुई विधायक दलों की बैठक में सर्वसम्मति बनी। सत्र के पहले दिन शोक प्रस्ताव भी लिया जाएगा। 24 फरवरी को राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेगी। बजट को लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी उत्सुकता है और इसे कई मायनों में अहम माना जा रहा है।

सत्र की तैयारी को लेकर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, राजद विधायक दल के नेता सुरेश पासवान और आजसू विधायक तिवारी महतो शामिल हुए। बैठक में सभी दलों ने निकाय चुनाव के दिन सदन स्थगित रखने पर सहमति जताई। इससे पहले स्पीकर ने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विभागों को निर्देश दिया कि विधायकों के प्रश्नों का समय पर और तथ्यात्मक जवाब उपलब्ध कराया जाए। लंबित प्रश्नों के शीघ्र निपटारे के भी निर्देश दिए गए। बैठक में गृह सचिव वंदना दादेल समेत विभिन्न विभागों के सचिव और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
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मंगलवार को सत्ता पक्ष के विधायकों की अलग बैठक हुई, जिसमें सत्र की रणनीति तय की गई। मुख्यमंत्री ने झामुमो, कांग्रेस और राजद विधायकों को पूरी तैयारी के साथ सदन में उपस्थित रहने और विपक्ष के सवालों का एकजुट होकर जवाब देने को कहा। मंत्रियों को भी तथ्यों के साथ सदन में आने का निर्देश दिया गया। वहीं कांग्रेस विधायक दल ने भी अलग से बैठक कर रणनीति बनाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्र के सफल संचालन के लिए सभी दलों का सहयोग आवश्यक है और जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा होनी चाहिए। इस बार विधानसभा ने नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन के माध्यम से डिजिटल और पेपरलेस व्यवस्था की दिशा में कदम बढ़ाया है, जिससे सदन की कार्यवाही तकनीक आधारित और अधिक पारदर्शी बनेगी।