द फॉलोअप, रांची
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा द्वारा झारखंड सरकार पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि भाजपा को पहले केंद्र सरकार की नीतियों और उनकी विफलताओं का जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनता को गुमराह करने के लिए मनगढ़ंत आंकड़ों का सहारा ले रही है। शनिवार को जारी बयान में पांडेय ने कहा कि भाजपा के मंत्री और प्रवक्ता टीवी चैनलों पर तथ्यों से परे दावे कर रहे हैं, लेकिन जनता अब उनके दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर समझ चुकी है। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की कीमतों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती थीं, तब भाजपा सरकार महंगाई के लिए वैश्विक परिस्थितियों और तेल कंपनियों के घाटे का हवाला देती थी। लेकिन अब जब कच्चे तेल की कीमतों में कमी आई है, तब आम लोगों को उसी अनुपात में राहत नहीं दी जा रही है।

झामुमो नेता ने कहा कि भाजपा सरकार तेल महंगा होने पर पूरा बोझ जनता पर डालती है और तेल सस्ता होने पर पुराने घाटों की दलील देकर कीमतों में कमी से बचती है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि तेल कंपनियां घाटे में हैं तो उनके शेयर लगातार मजबूत क्यों बने हुए हैं। पांडेय ने कहा कि भाजपा अक्सर भारत की तेल आयात पर निर्भरता का तर्क देती है, लेकिन जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें घटती हैं तो पेट्रोल-डीजल के दाम कम न होने के लिए अलग-अलग कारण बताए जाते हैं। उन्होंने इसे भाजपा की आर्थिक नीतियों का दोहरा मापदंड बताया।

उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार जनकल्याण, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार, शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। वहीं भाजपा के पास जनता से जुड़े मुद्दों पर कोई सकारात्मक एजेंडा नहीं बचा है, इसलिए वह निराधार आरोपों और भ्रम फैलाने की राजनीति कर रही है। पांडेय ने कहा कि झारखंड की जनता भाजपा की इस राजनीति को समझती है और समय आने पर इसका जवाब देगी।
