द फॉलोअप डेस्क
जमशेदपुर स्थित कदमा के शास्त्रीनगर में बीते दिनों हुए सांप्रदायिक हिंसा को लेकर भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से मुलाक़ात की। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिनेशानंद गोस्वामी के नेतृत्व में राज्यपाल से मिले प्रतिनिधिमंडल ने 8 और 9 अप्रैल को जमशेदपुर के कदमा क्षेत्र में सांप्रदायिक हिंसा मामले की जानकारी देते हुए सीबीआई या न्यायिक जांच कराने की मांग की। इसके अलावा गिरफ्तार नेताओं को जल्द रिहा कराए जाने का भी आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल में प्रदीप वर्मा सहित अन्य ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार के इशारे पर जमशेदपुर जिला प्रशासन ने रामनवमी के दौरान हिंदू समाज, विश्व हिंदू परिषद एवं भाजपा के कार्यकर्ताओं के विरुद्ध दुर्भावनावश एवं भेदभावपूर्ण कार्रवाई की गई।

हिंदू समाज के लोगों के खिलाफ हुई साजिश
राज्यपाल से मुलाकात के बाद राजभवन से निकलने के बाद प्रदीप वर्मा का कहा है कि कदमा प्रकरण में राज्य सरकार और जिला प्रशासन की संदिग्ध भूमिका के बारे में राज्यपाल को पूरी जानकारी दी गई। कदमा घटना में अपरिपक्व तरीके से जिला प्रशासन ने हैंडल किया। वह निराश करने वाला रहा। इस घटनाक्रम में हिन्दू समाज के लोगों के खिलाफ सुनियोजित तरीके से साजिश हुई। उन्होंने यह भी बताया कि कदमा प्रकरण में प्रदेश अध्यक्ष और सांसद दीपक प्रकाश के स्तर से पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी। समिति ने अपने जांच रिपोर्ट से राज्यपाल को अवगत करा दिया है। उनसे हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार राज्यपाल ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व गृह सचिव जेबी तुबिद, पूर्व आईजी लक्ष्मण सिंह, जमशेदपुर के अध्यक्ष गुंजन यादव, अनिल मोदी, राकेश सिंह, लक्ष्मण टुडू, संजीव सिन्हा और राजेश सिंह शामिल थे।

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