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बिपरजॉय का सौराष्ट्र-कच्छ तट पर लैंडफॉल शुरू, कई इलाकों में दिखने लगा बर्बादी का मंजर

बिपरजॉय का सौराष्ट्र-कच्छ तट पर लैंडफॉल शुरू, कई इलाकों में दिखने लगा बर्बादी का मंजर

द फॉलोअप डेस्क

चक्रवात बिपरजॉय का असर गुजरात में नजर आने लगा है। गुजरात के तट पर लैंडफॉल शुरू हो गया है। सौराष्ट्र और कच्छ के तट से तूफान के टकराने के साथ ही हवा की रफ्तार 125 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई है। मौसम विभाग के अनुसार लैंडफाल की पूरी तीव्रता रात में करीब 8 से 10 बजे के बीच रहने का अनुमान है। इस दौरान हवा की रफ्तार 150 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मालूम हो कि कच्छ और सौराष्ट्र के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। यहां तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है। कोस्ट गार्ड ने 15 जहाज और 7 एयरक्राफ्ट तैयार रखे हैं। NDRF की 27 टीमें भी तैनात की गई हैं।

करीब एक लाख लोगों को तटीय इलाकों से किया गया रेस्क्यू

तूफान के टकराने से पहले ही गुजरात में जगह-जगह बर्बादी का दौर शुरू हो गया था। बताया जा रहा है कि सौराष्ट्र के तटीय इलाकों में बड़े-बड़े पेड़ व बिजली के सैकड़ों पोल तक उखड़ गए। सबसे ज्यादा प्रभावित द्वारका जिले 38 गांवों में पेड़ों के गिरने के साथ सैकड़ों कच्चे मकान ध्वस्त होने की खबर। कई इलाकों में समुद्र का पानी घुस गया है। एहतियात के तौर पर लगभग एक लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। बताते चलें कि 76 से ज्यादा ट्रेन तूफान को लेकर रद्द की गई हैं। लोगों को घरों से बाहर ना निकलने की सलाह दी गई है।

25 साल में इस महीने गुजरात से टकराने वाला पहला तूफान
बिपरजॉय तूफान के बारे में कहा जा रहा है कि पिछले 25 साल में जून महीने में गुजरात के तट से टकराने वाला पहला तूफान होगा। इससे पहले 9 जून 1998 को एक तूफान गुजरात के तट से टकराया था। बताया जा रहा है कि तब पोरबंदर के पास 166 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली थी। वहीं, मौसम एक्सपर्ट के अनुसार बीते 58 साल में 1965 से 2022 के बीच अरब सागर के ऊपर से 13 चक्रवात उठ चुके हैं। इनमें से दो चक्रवात गुजरात और एक महाराष्ट्र के तट पर टकराए। वहीं,  एक पाकिस्तान, तीन ओमान-यमन और छह समुद्र के ऊपर ही कमजोर पड़ गए थे।

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