द फॉलोअप डेस्क
सारंडा जंगल में गुरुवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भयंकर मुठभेड़ हुई, जिसमें एक करोड़ रुपये के इनामी और भाकपा (माओवादी) के केंद्रीय कमिटी सदस्य अनल दा उर्फ पतिराम मांझी समेत 10 नक्सली मारे गए। अनल झारखंड के सबसे खूंखार नक्सलियों में गिने जाते थे और माओवादी संगठन में उनका विशेष कद था। मुठभेड़ सुबह तड़के छोटानागरा थाना क्षेत्र के कुंभडीह गांव के पास शुरू हुई। सुरक्षाबलों के सर्च ऑपरेशन के दौरान जंगल में पहले से घात लगाए बैठे नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाला और मुठभेड़ तेज़ हो गई। घटना के दौरान पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। आसपास के ग्रामीण गोलीबारी की आवाजें सुनकर सहम गए। सुरक्षा बलों ने पूरे जंगल क्षेत्र को चारों ओर से घेर लिया और बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन जारी रखा। सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि अनल उर्फ पतिराम की मौत नक्सलियों के लिए बड़ा झटका है। झारखंड और आसपास के राज्यों में उनका कद और आतंक लंबे समय से पहचाना जाता था। माओवादी संगठन में केंद्रीय कमिटी सदस्य के रूप में उनकी सक्रियता ने उन्हें सबसे खतरनाक नक्सलियों में शुमार कर दिया था। सुरक्षा बलों का कहना है कि इस अभियान से सारंडा और आसपास के क्षेत्रों में माओवादी गतिविधियों पर कड़ा प्रभाव पड़ेगा।
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