दिल्ली:
केंद्र सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर 5 साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। केंद्र सरकार ने पीएफआई के खिलाफ देशभर में आतंकी गतिविधियों में सक्रियता के सबूत मिलने के बाद ये कदम उठाया। अब इस मामले में अलग-अलग प्रतिक्रिया सामने आ रही है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने केंद्र सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने इसे अच्छा और सकारात्मक कदम बताया है। कहा कि कट्टरपंथ पर रोक लगेगी।

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात ने किया स्वागत
मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने कहा कि सरकार ने कट्टरपंथी संगठन पीएफआई पर प्रतिबंध लगाकर अच्छा कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि भारत की सरजमीं कट्टरपंथी विचारधारा की सरजमीं नहीं है। यहां ऐसी कट्टरपंथी विचाराधारा नहीं पनप सकती जिससे मुल्क की एकता और अखंडता को खतरा हो।
सरकार ने कट्टरपंथी संगठन PFI पर प्रतिबंध लगाकर अच्छा कदम उठाया है।भारत की सरज़मीं कट्टरपंथी विचारधारा की सरज़मीं नहीं है और न यहां ऐसी कट्टरपंथी विचारधारा पनप सकती जिससे मुल्क़ की एकता-अखंडता को खतरा हो: ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शाहबुद्दीन रज़वी, बरेली pic.twitter.com/7CEii4qhYw
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 28, 2022
मामले में यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि पीएफआई की असामाजिक और गैरकानूनी गतिविधियों लगातार जारी थीं। विभिन्न एजेंसियां इसकी जांच कर रही थी। जो तथ्य सामने आए उसी आधार पर गृह मंत्रालय ने फैसला लिया। पूरे देश ने इस पैसले की सराहना की है।
PFI की असामाजिक गैरकानूनी गतिविधियां लगातार जारी थी। विभिन्न जांच एजेंसियां जांच कर रही थी। जो तथ्य प्रकाश में आए हैं उन्हें देखते हुए गृह मंत्रालय ने जो निर्णय लिया है उसकी पूरे देश ने सराहना की है: PFI बैन पर उ.प्र. के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, लखनऊ pic.twitter.com/x7RcmvPqzV
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 28, 2022
उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि गृह मंत्रालय द्वारा पीएफआई पर प्रतिबंध का स्वागत करता हूं। राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का पर्याय और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन चुके पीएफआई को बैन किया गया। राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाला फैसला है।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा PFI पर प्रतिबंध का स्वागत करता हूँ,राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का पर्याय एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा बन चुका था PFI,राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाला है यह फ़ैसला!
— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) September 28, 2022
पीएफआई के साथ बैन हुए कई संगठन
आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के साथ-साथ रिहैब इंडिया फाउंडेशन, कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया इमाम काउंसिल, नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन, नेशनल वीमेन फ्रंट तथा एंपावर फाउंडेशन पर भी पाबंदी लगाई है।
आतंकी गतिविधियों में सक्रियता के साक्ष्य
गौरतलब है कि बीते कुछ समय से देश में कई स्थानों पर सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं में पीएफआई की भूमिका के सबूत मिले थे। बीजेपी की निलंबित राष्ट्रीय प्रवक्ता नुपूर शर्मा प्रकरण को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में भड़की हिंसा की आग में पीएफआई की भूमिका के साक्ष्य मिले थे। यहां तक कि रांची के मेन रोड में भड़की हिंसा के पीछे भी पीएफआई का हाथ होने की बात सामने आई थी। ईडी और एनआईए की जांच में कई पुख्ता सबूत मिलने के बाद पीएफआई को बैन किया गया।