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राहत : राज्य गठन के बाद 17 साल से लंबित झारखंड के परिवहन निगम कर्मियों को होगा पांचवे वेतनमान का भुगतान

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रांचीः
बिहार राज्य पथ एवं परिवहन निगम के अंतर्गत झारखंड कैडर के कर्मियों को उनकी बकाया राशि जल्द मिलने वाली है। जिन कर्मियों को राशि का भुगतान किया जाएगा उनकी संख्या 1240 है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार कर्मियों को 1 जुलाई 2004 से बकाया राशि मिलेगी। राज्य सरकार से इसकी मंजूरी मिल गयी है। परिवहन विभाग ने इस आशय का संकल्प एक दो दिन में जारी करेगा। पूरे सात साल का बकाया भुगतान किया जायेगा। 140 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गये हैं। वर्तमान में सारे कर्मी विभिन्न विभागों में विभिन्न पदों में समायोजित हैं। सभी कर्मी ग्रुप सी व ग्रुप डी से हैं।

क्या है मामाला 
गौरतलन है कि झारखंड परिवहन निगम के बंद होने के बाद इनमें कार्यरत कर्मियों को विभिन्न सरकारी कार्यालयों में 24 अगस्त 2011 की तिथि से समायोजित किया गया है। कर्मियों को चौथा वेतनमान मिल रहा था,लेकिन जब समायोजन दूसरे विभाग में किया गया तो उन्हे छठा वेतनमान मिल रहा था। ऐसे में निगम कर्मियों ने पांचवा वेतनमान का लाभ से वंचित रह गये तो कर्मियों ने हाइकोर्ट में पांचवे वेतनमान के लिए याचिका दायर की। उनका कहना था कि उन्हे ग्रोस सैलरी का नुकसान उठाना पड़ रहा है।  पूरे मामले में राज्य सरकार ने भी अपना पक्ष रखा,कोर्ट में यह वाद लंबा खिंच गया।

राज्य सरकार गयी थी सुप्रीम कोर्ट
2016 में ही हाइकोर्ट ने पांचवे वेतन का बकाया भुगतान का आदेश दिया। इसके बाद राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गयी। 2021 में आदेश पारित हुआ और झारखंड सरकार को कर्मियों के बकाया भुगतान करने को कहा गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद परिवहन  विभाग झारखंड जल्द ही विभिन्न सेवा के कर्मियों के बकाया भुगतान की कार्रवाई शुरू करेगा। बकाया भुगतान 1.7.2004 से 24.8.2011 तक साल की अवधि तक किया जायेगा।  एक-एक कर्मचारी को आठ से दस लाख रुपये तक की राशि बकाये के रूप में भुगतान की जायेगी।