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जनता के करोड़ों रुपये लूटनेवाले विदेशी भगोड़ों को भारत लाने की कवायद तेज, ये है प्लान 

जनता के करोड़ों रुपये लूटनेवाले विदेशी भगोड़ों को भारत लाने की कवायद तेज, ये है प्लान 

द फॉलोअप डेस्क 

जनता के करोड़ों रुपये लूटनेवाले विदेशी भगोड़ों (Foreign fugitive) को भारत लाने की कवायद तेज हो गयी है। मोदी की केंद्र सरकार ने इसके लिए कमर कस लिया है। जल्दी ही ये भगोड़े भारत में होंगे। केंद्र सरकार ने इनको विदेश से लाने एक विशेष टीम का गठन का किया है। टीम में ईडी, सीबीआई और एनआईए के वरिष्ठ अधिकारियो को शामिल किया गया है। बता दें कि विदेशों भगोड़ों की लिस्ट में विजय माल्या, नीरव मोदी औऱ संजय भंडारी जैसे लगभग आधा दर्जन अपराधी शामिल हैं। भारत में इनके बैंक खातों को पहले ही फ्रीज कर दिया गया है। साथ ही इनकी चल औऱ अचल संपतियों को भी जब्त किया गया है। 

भारतीय अधिकारियों की लंदन में बैठक 
विदेश मंत्रालय से मिली खबरों में कहा गया है कि लंदन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इस बाबत ब्रिटिश अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की है। इस बैठक में ब्रिटेन में रह रहे भगोड़े कारोबारियों की संपति का ब्योरा मांगा गया है। पूरी डिटेल मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी। साथ ही ब्रिटेन में इन भगोड़ों के कारोबार पर भी नजर रखी जा रही है। मिली खबर के मुताबिक ब्रिटेन के अधिकारियों ने भारत को इस मामले में सहयोग के लिए सकारात्मक पहल की है। 

माल्या और नीरव पर क्या हैं आरोप 

बता दें कि नीरव मोदी देश के मशहूर हीरा व्यापारी रहे हैं। मोदी पर आरोप है कि उसने मेहुल चौकसी के साथ मिलकर पंजाब नेशनल बैंक को लगभग 14,500 करोड़ रुपये की चपत लगाई है। मोदी ने  बैंक से ओडी औऱ कर्ज लेकर उसे धोखा दिया। मोदी 2018 में देश छोड़कर भाग गये थे। इसी तरह विजय माल्या पर अलग-अलग बैंकों को ठगने का आरोप है। माल्या पर विभिन्न बैंकों की 9000 रुपये की देनदारी का आरोप लगाया गया है। वहीं, संजय भंडारी करोड़ों के जमीन घोटाले में आरोपी है। खबर है कि इसने घोटाले की रकम से ब्रिटेन में संपति खरीदी है।