द फॉलोअप डेस्क
मिडल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी तनाव के बीच हुए हमले में जान गंवाने वाले भागलपुर के लाल देवनंदन प्रसाद सिंह का पार्थिव शरीर 20 दिनों बाद पटना पहुंच गया है। पटना से परिजन एम्बुलेंस के जरिए उनके शव को सन्हौला प्रखंड के रानी बमिया गांव ले जा रहे हैं, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि 11 मार्च 2026 को इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के दौरान खाड़ी क्षेत्र में एक तेल टैंकर पर भीषण ड्रोन हमला हुआ था। देवनंदन प्रसाद सिंह 'सेफसी विष्णु' (SafeSea Vishnu) नामक जहाज पर एडिशनल चीफ इंजीनियर के पद पर तैनात थे। यह जहाज इराक के बसरा पोर्ट से सिंगापुर की ओर जा रहा था। हमले के बाद जहाज पर आग लग गई थी। जान बचाने की कोशिश में देवनंदन सिंह समुद्र में कूद गए थे, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।
देवनंदन प्रसाद सिंह वर्ष 2019 में अपने परिवार के साथ बिहार से मुंबई शिफ्ट हो गए थे और वहां कांदिवली इलाके में रहते थे। वे लंबे समय से मर्चेंट नेवी में इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे और अपने परिवार के इकलौते सहारा थे। देवनंदन को गांव के लोग एक मेहनती और समर्पित इंजीनियर के रूप में जानते थे। पिछले 20 दिनों से परिवार और ग्रामीण उनके पार्थिव शरीर का इंतजार कर रहे थे। इस दौरान परिजनों ने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से शव वापस लाने की गुहार लगाई थी। अब जब उनका शव घर पहुंच रहा है, तो पूरे सन्हौला क्षेत्र में शोक की लहर है।