रांची
आज कांग्रेस ने प्रेस वार्ता कर महिला आरक्षण मामले को लेकर बीजेपी को घेरा और पूछा- प्रधानमंत्री बताएं भाजपा किसी महिला को कब राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाएगी।
महिला आरक्षण पर देरी क्यों और भाजपा में महिला अध्यक्ष कब?
रांची के कांग्रेस कार्यालय में महिला आरक्षण एवं परिसीमन के संबंध में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए गौतम उपाध्याय, महानगर उपाध्यक्ष ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि जो विधेयक 2023 में पारित हुआ, उसमें भाजपा की केंद्र सरकार ने संशोधन करना चाहा। ये लोग क्या करना चाहते हैं, ये विपक्ष और अपने भी कई साथियों को नहीं बताया। कहा इसमें शर्तें लागू करने की बात थी, इसमें 3 साल का समय क्यों लगा।
कांग्रेस नेता ने कहा, ये लोग महिला को ठगने का काम कर रहे हैं। ये पूरे देश को ठग रहे हैं। उन्होंने सीधे पीएम मोदी से पूछा, क्या आपने कभी कहा कि आपका अगला अध्यक्ष महिला होगी। हम सवाल करते हैं क्या कभी आरएसएस में महिला शीर्ष पद पर जा सकती है। अगर हां तो कब?
परिसीमन, जनगणना और महिला आरक्षण लागू करने में देरी क्यों?
गौतम उपाध्याय ने कहा, जब परिसीमन की बात आती है तो ये लोग क्यों घड़ियाली आंसू बहाते हैं। हम जनता को बताना चाहते है कि महिलाओं आबादी 50 प्रतिशत लगभग हो गई है। जब 2023 में जब ये पास हुआ तो इसका प्रतिशत 33 फीसद था। 2024 के चुनाव में इसे क्यों लागू नहीं किया गया। पूछा, भाजपा की सरकार 21 राज्य में है लेकिन महिला सीएम कितनी हैं?
उपाध्याय ने आगे कहा, इस बिल को जब 2023 में पारित किया गया, तो इसे लागू करने में मोदी जी को इतना समय क्यों लगा। कहा कि पीएम को जनता से माफी मांगनी चाहिए। पहले जनगणना हो। इसके बाद पता चलेगा कि हमारे इलाके की जनसंख्या कितनी है। इस हिसाब से रिजर्वेशन होना चाहिए। इसके बाद ही लागू हो यह बिल।
महिला बिल और प्रधानमंत्री के संबोधन पर उठे सवाल
विनीता पाठक, महानगर उपाध्यक्ष, रांची ने कहा कि महिला बिल को लेकर पीएम मोदी ने क्यों राष्ट्र के नाम संबोधन किया। इससे पहले मोदी ने पुलवामा हमले को लेकर संबोधन नहीं किया। मणिपुर हिंसा पर कोई संबोधन नहीं किया। कई ऐसे विषय हैं, जिनको लेकर मोदी को देश को संबोधित करना था, लेकिन उन्होंने नहीं किया। कहा कि भाजपा के कई कार्यकर्ता, नेता पर महिलाओं के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा है। सबसे ज्यादा 2014 से अब तक बलात्कार हुए है। इससे पता चलता है कि आप महिलाओं के हित में काम नहीं करते हैं। कहा कि भाजपा की महिला कार्यकर्ता सड़क पर शोर करती हैं। उन्हें पता ही नहीं कि यह बिल क्या है।