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महज़  37 साल की उम्र में कत्‍ल कर दी गईं फूलन देवी की याद के अलग-अलग रंग

'कभी चंबल की बीहड़ों में दहशत रहीं फूलन देवी ने अस्‍सी के दशक में आत्‍मसमर्पण किया। जेल की सजा भी भुगती। बाद में सामाजिक सेवाओं में समय दिया। समाजवादी पार्टी कीसांसद भी बनीं।

बदचलनी का आरोप लगाकर पति ने घर से निकाला, गाय के तबेले में बच्ची को दिया जन्म…फिर क्या हुआ जानिये

'यह कहानी चिंदी नाम की उस लड़की की है, जिसका जनम 14 नवंबर 1948 को महाराष्ट्र के वर्धा में हुआ था।

एक लेखक का सुझाव: खोखले जातीय अहंकार से बचिए, सभ्य बनिए

जातीय अहंकार एक तरह की मानसिक बीमारी है। खासकर तब जब आपका जातीय इतिहास वर्चस्व और शोषण का रहा हो।

ऑटो को ही आखिर इस बुजुर्ग ने क्‍यों बना लिया अपना आशियाना, कौन-सी है ज़िद

जिंदगी एक नई जंग है। संघर्ष की दास्‍तां है यह।

जाति आधारित जनगणना का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ क्‍यों करता है विरोध

संघ के प्रभाव वाली नरेंद्र मोदी की सरकार ने जाति आधारित जनगणना कराने से इनकार कर दिया

चली गई अचानक ज्‍योति तो अपनी हिम्‍मत से जानिये इस महिला ने कैसे रोशन की जिंदगी

हैदराबाद की मीनल सिंघवी की कहानी उनकी ही जुबानी

हिंदी के एक भारतीय लेखक जब पहुंचे पाकिस्‍तान, तो क्‍या हुआ पढ़िये दमदार संस्‍मरण

हिंदी के वरिष्‍ठ लेखक असगर वजाहत 2011 में फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ के जन्म शताब्दी समारोह में शिरकत करने पाकिस्तान गए थे। वहां लगभग 45 दिन घूमते रहे।

भारत के 300 समेत दुनिया के लगभग 50,000 लोगों की जासूसी पर हंगामे के कारण

सॉफ्टवेयर को बनानेवाली कंपनी एनएसओ ने दावा किया है कि वह अपना यह माल सिर्फ संप्रभु सरकारों को ही बेचती है ताकि वे आतंकवादी, हिंसक, अपराधी और अराजक तत्वों पर निगरानी रख सकें।

हर घड़ी बदल रही है रूप जिंदगी...तो बदलिये न! किसने मना किया

'परिवर्तन प्रकृति का नियम है और इस शाश्वत सत्य को हमें स्वीकार करना चाहिए।

एक ऐसा आदिवासी वीर जिसके सम्मान में आज भी रुक जाती है ट्रेन, जानिये पूरी कहानी

'ट्रेन का रुकना दरअसल किसी वीर को सलामी देना होता है। यह सलामी उस दिवंगत आत्मा को दी जाती है, जिसे अंग्रेज इंडियन रॉबिन हुड कहते थे।

जल्लाद भी फांसी देने को तैयार नहीं थे, ऐसे थे वीर मंगल जिनकी आज 194 वीं जयंती

फांसी के बाद ही पूरे उत्तर भारत में विद्रोह फैल गया। विद्रोह की चिंगारी मेरठ की छावनी पहुंच गयी

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