'कभी चंबल की बीहड़ों में दहशत रहीं फूलन देवी ने अस्सी के दशक में आत्मसमर्पण किया। जेल की सजा भी भुगती। बाद में सामाजिक सेवाओं में समय दिया। समाजवादी पार्टी कीसांसद भी बनीं।
'यह कहानी चिंदी नाम की उस लड़की की है, जिसका जनम 14 नवंबर 1948 को महाराष्ट्र के वर्धा में हुआ था।
जातीय अहंकार एक तरह की मानसिक बीमारी है। खासकर तब जब आपका जातीय इतिहास वर्चस्व और शोषण का रहा हो।
जिंदगी एक नई जंग है। संघर्ष की दास्तां है यह।
संघ के प्रभाव वाली नरेंद्र मोदी की सरकार ने जाति आधारित जनगणना कराने से इनकार कर दिया
हैदराबाद की मीनल सिंघवी की कहानी उनकी ही जुबानी
हिंदी के वरिष्ठ लेखक असगर वजाहत 2011 में फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ के जन्म शताब्दी समारोह में शिरकत करने पाकिस्तान गए थे। वहां लगभग 45 दिन घूमते रहे।
सॉफ्टवेयर को बनानेवाली कंपनी एनएसओ ने दावा किया है कि वह अपना यह माल सिर्फ संप्रभु सरकारों को ही बेचती है ताकि वे आतंकवादी, हिंसक, अपराधी और अराजक तत्वों पर निगरानी रख सकें।
'परिवर्तन प्रकृति का नियम है और इस शाश्वत सत्य को हमें स्वीकार करना चाहिए।
'ट्रेन का रुकना दरअसल किसी वीर को सलामी देना होता है। यह सलामी उस दिवंगत आत्मा को दी जाती है, जिसे अंग्रेज इंडियन रॉबिन हुड कहते थे।
फांसी के बाद ही पूरे उत्तर भारत में विद्रोह फैल गया। विद्रोह की चिंगारी मेरठ की छावनी पहुंच गयी