रांची:
आखिर पकड़ लिया गया चूहा। यह बहुत ही खास चूहा था। झारखंड और बिहार की पुलिस तंग थी इसके कारनामे से। दरअसल यह चूहा पीएलएफआई की सेंट्रल कमेटी और बिहार का प्रमुख था। इसपर दो लाख रुपये का इनाम था। इस पीएलएफआई उग्रवादी को चूहा के अलावा अवधेश जायसवाल उर्फ सरदार उर्फ बिहारी उर्फ मनोज कहा जाता रहा है। मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले के चिकसौरा बाजार गांव का रहने वाला है। उसकी गिरफ्तारी मुरहू थाना क्षेत्र के कुम्हारडीह करकटा से की गई है।

चूहा पर हैं 40 मामले दर्ज
खूंटी एसपी आशुतोष शेखर ने आज मीडिया को इसकी जानकारी दी। बताया कि जिला पुलिस और आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने संयुक्त रूप से छापामारी कर चूहा को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ मुरहू, खूंटी, रनिया, तपकरा, बड़कागांव, हजारीबाग, धु्रवा, खेलगांव, नगड़ी, आगमकुआं, रामकृष्ण नगर, हिल्सा, जलडेगा, गुदड़ी, बंदगांव, सोनुवा, गोइलकेरा, पिठोरिया, बैंक मोड़ धनबाद और बसिया थाना में 40 मामले दर्ज हैं।

लेवी के लिए वाट्सएप्प का करता था इस्तेमाल
पीएलएफआई उग्रवादी को चूहा को पकड़ने के लिए पहले बिहार में छापेमारी की गई थी। लेकिन वह वहां से फरार हो बया। इस शातिर उग्रवादी ने ट्रैक होने के डर से वाट्सएप्प मैसेज और कॉल का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था। इसका इस्तमाल वह लेवी मांगने के लिए करता था। इसमें उसके मोबाइल के मात्र चार नंबर ही दिखाये पड़ते थे। वह निवेश के संपर्क में रहता था। निवेश को पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप से इसने ही मिलवाया था।