द फॉलोअप डेस्क
मिडिल ईस्ट में तनाव जारी है। इसका सीधा असर भारत के रसोई पर पड़ा है। ऐसे में बिहार में भी धीरे-धीरे एलपीजी को लेकर तनावपूर्ण स्थिति बनते दिख रही है। लोगों के बीच अफवाह उड़ने लगी है कि अब गैस सिलेंडर के दाम बढ़ जाएंगे और सिलिंडर नहीं मिलेंगे, पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेंगे वगैरह-वगैरह। एलपीजी गैस सिलिंडर खरीदने और पेट्रोल लेने को लेकर लोगों की भारी भीड़ देखी जा रही है। जिसे देखते हुए प्रदेश की DIG ने अलर्ट लेटर जारी किया है। जिसमें स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर पुलिस की गश्ती तुरंत बढ़ाई जाए। कॉमर्शियल गैस की कमी की खबर सामने आते ही घरेलू उपभोक्ताओं में ‘पैनिक बुकिंग’ बढ़ गई है। गोपालगंज, आरा, दरभंगा, अररिया, बेतिया, पूर्णिया और सुपौल में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। स्थिति को देखते हुए स्पेशल ब्रांच के DIG ने सभी डिविजनल कमिश्नरों, रेंज के IG और DIG, तथा सभी जिलों के DM और SSP/SP को अलर्ट लेटर भेजा है। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। लेटर में आशंका जताई गई है कि गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर लोगों की भीड़ बढ़ सकती है, जिससे अव्यवस्था और कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी की भी संभावना जताई गई है। जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखें, जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें और लोगों को अफवाहों से बचाने के लिए जागरूक करें।

बता दें कि बिहार में हर दिन करीब 2.5 लाख गैस सिलेंडर की सप्लाई होती है। इनमें लगभग 12,500 कॉमर्शियल सिलेंडर शामिल हैं, जो होटल, रेस्टोरेंट, स्कूल और हॉस्टल जैसी जगहों पर भेजे जाते हैं। गैस एजेंसियों के अनुसार पिछले तीन दिनों से नए सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हुई है, जिससे बाजार में फिलहाल वही सिलेंडर उपलब्ध हैं जो पहले से स्टॉक में हैं। वर्तमान में ऐसी स्थिति बन गई है कि कई जिलों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की बुकिंग पूरी तरह बंद कर दी गई है, जबकि घरेलू गैस के लिए उपभोक्ताओं को घंटों लंबी कतारों में खड़ा होकर इंतजार करना पड़ रहा है।