द फॉलोअप डेस्क
बिहार के नालंदा जिले का एक और वीर सपूत देश की सरहदों की रक्षा करते हुए हमेशा के लिए अमर हो गया। लेह-सियाचिन की दुर्गम और बर्फीली पहाड़ियों पर तैनात सूबेदार सुमन कुमार सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। शनिवार को जैसे ही उनका पार्थिव शरीर नूरसराय प्रखंड के पैतृक गांव मोकरमपुर पहुंचा, पूरा इलाका “सुमन सिंह अमर रहें” और “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा। इस दृश्य को देख हर आंख नम थी और हर दिल अपने वीर को अंतिम सलाम कर रहा था। करीब 45 वर्षीय सूबेदार सुमन सिंह कठिन मौसम और विषम परिस्थितियों में देश सेवा में जुटे थे। इसी दौरान वे पीलिया की चपेट में आए, जो आगे चलकर पैरालिसिस और ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में बदल गया। कमांड हॉस्पिटल में इलाज के बावजूद 26 मार्च की शाम उन्होंने अंतिम सांस ली। घर पहुंचते ही परिवार में मातम छा गया। पत्नी नीलम देवी और मां चिंता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि दोनों बेटियां और दो छोटे बेटे गमगीन खड़े अपने पिता को निहारते रहे। 14 वर्षीय बेटे ने नम आंखों से अपने पिता को मुखाग्नि दी।
अंतिम विदाई के दौरान गांव की छतों और सड़कों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिजनों को हर संभव सहायता का भरोसा दिया। वहीं, शहीद के परिजनों ने उनकी याद में गांव में ‘शहीद स्थल’ या ‘शहीद यात्री शेड’ बनाने की मांग की है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके साहस और बलिदान से प्रेरणा ले सकें।