द फॉलोअप डेस्क
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने चयन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। BPSC आयोग ने इंटरव्यू पैनल में IAS और IPS अधिकारियों को शामिल करने का फैसला किया है। इस नई फैसला के तहत अब हर इंटरव्यू बोर्ड में कम-से-कम एक वरिष्ठ IAS या IPS अधिकारी की मौजूदगी अनिवार्य होगी। दरअसल पहले इंटरव्यू पैनल में शिक्षाविद और विशेषज्ञ बैठते थे लेकिन अब इसमें बदलाव करते हुए IAS और IPS अधिकारियों को भी शामिल करने का फैसला लिया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत फील्ड में तैनात अधिकारी अभ्यर्थियों की सिर्फ अकादमिक जानकारी नहीं, बल्कि उनकी निर्णय लेने की क्षमता, मानसिक मजबूती और प्रशासनिक समझ का आकलन करेंगे।

बता दें कि यह नया सिस्टम वर्तमान में चल रही 70वीं संयुक्त मुख्य परीक्षा (CCE) के इंटरव्यू से ही लागू कर दिया गया है। ये अधिकारी अभ्यर्थियों की बॉडी लैंग्वेज, स्ट्रेस मैनेजमेंट और एथिकल वैल्यूज का भी मूल्यांकन करेंगे जिससे इंटरव्यू प्रक्रिया अधिक प्रोफेशनल और पारदर्शी बनेगी। गौरतलब है कि BPSC ने 2023 से 2026 के बीच चयन प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इस अवधि में इंटीग्रेटेड प्रीलिम्स की शुरुआत, नेगेटिव मार्किंग का लागू होना और मुख्य परीक्षा में 300 अंकों का निबंध जोड़ना जैसे बड़े फैसले लिए गए हैं। इसके साथ ही वैकल्पिक विषय (Optional) को अब केवल क्वालिफाइंग कर दिया गया है, यानी इसके अंक अंतिम मेरिट में नहीं जोड़े जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत अब सामान्य अध्ययन (GS) और निबंध ही चयन का मुख्य आधार होंगे।

इन सुधारों का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और मेरिट आधारित बनाना है। साथ ही, विषयों के बीच अंक असंतुलन की समस्या को भी खत्म करने की कोशिश की गई है। इंटरव्यू प्रक्रिया में भी बदलाव करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को पैनल में शामिल किया गया है, जिससे पक्षपात और बाहरी हस्तक्षेप की संभावना कम होगी। इससे खासतौर पर ग्रामीण पृष्ठभूमि के प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।