द फॉलोअप डेस्क
जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर द्वारा गठित I-PAC के कई कार्यालयों पर ED का छापा पड़ा है। ED ने पश्चिम बंगाल में कथित कोयला तस्करी मामले में गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए हैदराबाद, बेंगलुरु और दिल्ली में I-PAC के ठिकानों पर छापेमारी की। बंगाल में चुनाव होने हैं। विधानसभा चुनाव को लेकर प्रचार-प्रसार जारी है। I-PAC द्वारा ममता की TMC पार्टी का चुनाव प्रबंधन देखने की बात कही जा रही हैं। अब ऐसे में चुनावी समय में ED के इस कार्रवाई से सियासी हलचल तेज हो गई है। I-PAC पर कार्रवाई को राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह संस्था चुनावी रणनीति और प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाती रही है।

हालांकि ED का यह पहला छापा नहीं है, इससे पहले भी 8 जनवरी को I-PAC के कोलकाता कार्यालय पर छापा मारा था। उस दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद कार्यालय पहुंच गई थीं और ED की कार्रवाई का विरोध किया था। इस मामले में 31 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। अदालत ने पश्चिम बंगाल सरकार से ED की याचिका की स्वीकार्यता पर आपत्ति जताने को लेकर सवाल उठाए थे। इस दौरान ED ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जांच में बाधा डालने का आरोप भी लगाया था।