रांची एयरपोर्ट पर कल एक बड़ा हादसा टल गया। दिल्ली से रांची पहुंची इंडिगो फ्लाइट करते वक्त रनवे पर हार्ड लैंडिंग हुई, जिससे विमान में बैठे 95 यात्रियों की जान खतरे में आ गई।
भारतीय रुपया अमेरिकी टैरिफ के दबाव से उबर नहीं पा रहा है। रूस से तेल आयात पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ थोपने के बाद कुल दरें 50% तक जा पहुंची हैं।
महाराष्ट्र, जिसे कभी भारत में सूचना का अधिकार आंदोलन (RTI Movement) की जन्मभूमि कहा जाता था, आज उसी राज्य में RTI अपीलें सालों से ठप पड़ी हैं। जुलाई 2025 तक राज्य सूचना आयोग की वेबसाइट पर 74,639 दूसरी अपीलें लंबित दर्ज हैं।
बीती रात अफगानिस्तान में आये भूकंप के बाद अब तक मरने वालों की संख्या लगभग 800 तक पहुँच चुकी है। वहीं लगभग 2500 घायल लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका हैं।
अफगानिस्तान में बीती रात भूकंप के झटकों ने लोगों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.3 मापी गई। इस घटना में 9 लोगों की मौत हो गई और लगभग 15 से ज्यादा लोग घायल हो गए।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ और भारत पर लगे आरोपों को लेकर भारत के पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्रंप के उस दावे को "राजनीतिक ड्रामा" बताया
भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों का मोहभंग अगस्त में चरम पर पहुंच गया। डिपॉजिटरी आंकड़ों के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने इस महीने भारतीय इक्विटी बाजार से 34,993 करोड़ रुपये की निकासी की, जो पिछले छह महीनों में सबसे बड़ी बिकवाली है।
उत्तर प्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां पटाखा फैक्ट्री में आग लगने से विस्फोट हो गया। बताया जा रहा है कि इस विस्फोट में 3 लोगों की मौत हो गई है।
अमेरिका के द्वारा भारत पर 50% टैरिफ़ लगाने के बाद पुरे देश में हलचल मच गई है। वहीं महाराष्ट्र के सोलापुर में टेरी टॉवेल उद्योग के लिए भी एक बड़ा संकट पैदा कर दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार शाम को तियानजिन, चीन पहुंचे, जहां वह 31 अगस्त से 1 सितंबर तक आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में भाग लेंगे।
भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल, जगदीप धनखड़ ने हाल ही में पेंशन प्राप्त करने के लिए राजस्थान विधानसभा में आवेदन किया है।
आपके अंतर्मन को झकझोर देने वाली यह एक सच्ची कहानी है। ज़रा सोचिए, जब 15 अगस्त 1947 को भारत जैसे 35 करोड़ की आबादी वाले देश को आज़ादी मिली, तो उसके कुछ ही दिन बाद 20 लाख से अधिक लोगों को आज़ाद न किया गया। जिस वक्त पूरा देश जश्न में डूबा था, उस समय एक पूरा