साइबर क्राइम के गढ़ माने जाने वाले जामताड़ा जिले के कर्माटांड़ थाना क्षेत्र की शिकारपोषणी पंचायत स्थित सुघी पहाड़ी गांव से आदिवासी समाज ने इस अपराध के खिलाफ एक अनोखी मुहीम छेड़ी है। यहां के लोगों ने अपने दरवाजों और दीवारों पर पोस्टर लगाए हैं
जामताड़ा के करमाटांड़ स्थित आंगनवाड़ी केंद्र से फर्जी कूरियर एग्जीक्यूटिव बनकर APK फाइलों के जरिए डिजिटल वित्तीय ठगी करने वाले 4 शातिर साइबर अपराधी गिरफ्तार। पुलिस ने मोबाइल, सिम व लैपटॉप जब्त कर मामला दर्ज किया।
जामताड़ा जिले में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया जरिया ढूंढ निकाला है। इस बार ठगों के निशाने पर आंगनबाड़ी केंद्र और 'प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना' (PMMVY) की लाभार्थी गर्भवती महिलाएं हैं।
जामताड़ा पुलिस ने बिजली बिल अपडेट के नाम पर साइबर ठगी करने वाले आरोपी को दबोचा, आठ मोबाइल समेत 31 हज़ार नकदी और कई सिम कार्ड बरामद
देश में साइबर अपराध के सबसे बड़े गढ़ के रूप में कुख्यात जामताड़ा जिले में पुलिस ने अपराधियों के विरुद्ध एक बार फिर कड़ा और निर्णायक प्रहार किया है।
जामताड़ा में SBI अधिकारी बनकर साइबर ठगी करने वाला शातिर आरोपी नसरुद्दीन अंसारी गिरफ्तार। पुलिस ने ₹4.04 लाख नगद और मोबाइल जप्त किए। जानिए कैसे APK फाइल से करता था ठगी।
जामताड़ा पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन शातिर अंतर्राज्यीय साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी अमित कुमार रविदास के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने जामताड़ा
जामताड़ा जिले की एक अदालत ने फर्जी बैंक अधिकारी बनकर साइबर ठगी करने वाले दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 3-3 साल के कारावास की सजा सुनाई है।
करमाटांड़ थाना क्षेत्र के तेतुलबंधा गांव में पलाश और पुटूश की झाड़ियों के पीछे छिपकर देशभर के लोगों को चूना लगा रहे तीन शातिर साइबर अपराधियों को पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है
क्रेडिट कार्ड बंद होने का झांसा देकर देशव्यापी ठगी करने वाले एक शातिर साइबर अपराधी को जामताड़ा पुलिस ने गिरफ्तार किया है
साइबर अपराध की दुनिया में देश भर में चर्चित झारखंड का जामताड़ा जिला एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार दिल्ली वेस्ट साइबर थाना की पुलिस ने शुक्रवार को जामताड़ा में बड़ी कार्रवाई की है।
फर्जी बैंक अधिकारी बनकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में जामताड़ा कोर्ट ने दो आरोपियों 3-3 साल की सजा सुनाई है. इसके साथ ही दोनों पर 40-40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. यदि दोषी जुर्माने की राशि जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें छह महीने