झारखंड में संवैधानिक संस्थाओं में लंबे समय से खाली पड़े पदों को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस एम एस सोनक और राजेश शंकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार पर नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि चार साल से ज्यादा समय तक स
झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन और रेगुलेशन) एक्ट, 2010 को प्रभावी ढंग से लागू करने का सख्त निर्देश दिया है। खंडपीठ ने स्वास्थ्य सेवा निदेशक को कहा है कि वे चार महीने के भीतर राज्यभर में इस कानून और उसके नियमों को लागू कर
झारखंड हाईकोर्ट में जस्टिस दीपक रौशन की अदालत ने डॉक्टर राजकुमार की याचिका पर सोमवार को सुनवाई की। जिन्हें रिम्स निदेशक पद से हटाया गया था। सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि नियमों का पालन ठीक से नहीं किया गया, इसलिए 17 अप्रैल के आदेश पर रोक लगा दी गई है।
झारखंड हाईकोर्ट में जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक को लेकर बुधवार को सुनवाई हुई। पेपर लीक की जांच को लेकर दाखिल याचिका पर चीफ जस्टिस एम एम एस रामचंद्र राव और जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में सुनवाई हुई।
झारखंड हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर अपने रिश्तेदारों को औद्योगिक क्षेत्र में जमीन उपलब्ध कराने के मामले में सरकार से 4 सप्ताह में जवाब मांगा है। अदालत जानना चाहता है कि प्रार्थी सुनील महतो की शिकायत के आवेदन पर क्या कार्रवाई की गई है।
झारखंड हाईकोर्ट में महिलाओं और स्कूली बच्चों के साथ बढ़ते अपराध पर रोक के लिए दायर जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। अदालत ने महिलाओं की सुरक्षा के प्रति चिंता जाहिर करते हुए मौखिक रूप से कहा कि रांची में महिलाओं के साथ चेन छिनतई और अपराध की घटनाएं बढ
झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इसके तहत अब मां की नौकरी के बाद भी पिता पर बच्चों की जिम्मेदारी रहेगी। झारखंड हाईकोर्ट ने कहा है कि मां भले ही नौकरी करती हो,
झारखंड हाईकोर्ट ने व्यवस्था दी है कि सेवानिवृत्ति से पहले मरनेवाले कर्मचारियों के माता पिता और बहन को अनुकम्पा के आधार पर नौकरी पानेवाले आश्रितों की सूची से बाहर रखना अन्यायपूर्ण एवं इस नियुक्ति योजना के उद्देश्य के विपरीत है