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Tokyo Paralympics 2020: प्रवीण कुमार ने ऊंची कूद स्पर्धा में जीता रजत पदक, मेडल की संख्या 11 तक पहुंची

Tokyo Paralympics 2020: प्रवीण कुमार ने ऊंची कूद स्पर्धा में जीता रजत पदक, मेडल की संख्या 11 तक पहुंची

द फॉलोअप टीम, डेस्क: 

टोक्यो पैरालंपिक्स से एक और अच्छी खबर सामने आई है। भारत के प्रवीण कुमार ने शुक्रवार को पुरुषों की ऊंची कूद स्पर्धा क्लास टी-44 कैटेगरी में रजत पदक जीता। गौरतलब है कि ये भारत के लिए 11वां पैरालंपिक पदक है इस साल का। प्रवीण कुमार ने जीत पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। मैं अपने कोच डॉ. सत्यपाल सिंह को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने मेरा समर्थन किया औऱ मुझे प्रेरित किया। प्रवीण ने स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, पैरालंपिक कमिटी ऑफ इंडिया और परिवार का भी समर्थन देने के लिए शुक्रिया अदा किया। 

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रवीण को बधाई दी
टोक्यो पैरालंपिक्स में रजत पदक जीतने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रवीण कुमार से टेलिफोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने प्रवीण कुमार को बधाई दी। पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि पैरालंपिक में रजत पदक जीतनेत पर प्रवीण कुमार पर गर्व है। ये उनकी कड़ी मेहतन और अद्वितीय समर्पण का परिणाम है। पीएम मोदी ने पैरा एथलीट प्रवीण कुमार को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने कहा कि गर्व है। 

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी दी बधाई
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी टोक्यो पैरालंपिक्स 2020 में पुरुषों की ऊंची कूद स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर प्रवीण कुमार को बधाई दी। गौरतलब है कि प्रवीण कुमार ने ना केवल रजत पदक जीता बल्कि नया एशियन रिकॉर्ड भी कायम किया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर लिखा कि एक नए एशियाई रिकॉर्ड के साथ पुरुषों की ऊंची कूद में आपका रजत पदक हर खेल प्रेमी भारतीय के लिए खुशी लेकर आया है। हमें आप पर गर्व है। 

टोक्यो पैरालंपिक्स में अब तक 11 पदक 
गौरतलब है कि टोक्यो पैरालंपिक्स 2020 में भारत के लिए ये 11वां पदक है। भारत ने इस स्पर्धा में कुल 2 गोल्ड, 6 रजत और 3 कांस्य पदक जीता है। भारत के लिए सुमित अंतिल और अवनि लखेरा ने स्वर्ण, देवेंद्र झाझरिया, योगेश कथूनिया, भाविनाबेन पटेल, प्रवीण कुमार, मरियप्पन थंगावेलू ने रजत वहीं सिंहराज अखाना, सुदंर सिंह गुर्जर और शरद कुमार ने कांस्य जीता है। ये पैरालंपिक्स इतिहास में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। देश गौरवान्वित है।