द फॉलोअप टीम, गढ़वा:
गढ़वा जिला मुख्यालय से 40 किमी दूरी नगर उंटारी अनुमंडलीय अस्पताल में विगत 13 साल से गीता देवी नाम की महिला बतौर सफाईकर्मी सेवा देती आ रही थीं। हाल ही में गीता देवी को मौखिक रूप से कहा दिया गया कि आपको अब अस्पताल नहीं आना है। यदि आप अस्पताल आती हैं तो आपके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। अस्पताल प्रबंधन ने गीता देवी से कहा कि उन्हें अस्पताल के परिसर में ही नहीं आना है। गीता देवी के समक्ष अब रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
गीता देवी ने द फॉलोअप से बयां किया दर्द
ये पूरा मामला क्या है। आखिर क्यों गीता देवी को अचानक ये तुगलकी फरमान सुना दिया गया। ये जानने के लिए द फॉलोअप संवाददाता ने गीता देवी से बात की। द फॉलोअप से बातचीत में गीता देवी ने कहा कि मैं अस्पताल में काम करके किसी तरह दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करती थी। बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने की कोशिश कर रही थी। अचानक से मुझे निकाल दिया गया। कोई स्पष्ट वजह भी नहीं बताई गई। गीता देवी अब सरकार से अपने लिए रोजगार मांग रही हैं ताकि घर में दो जून की रोटी का जुगाड़ हो सके और अपने बच्चों को शिक्षा दिलवा सकें।
स्थानीय विधायक ने दिया मदद का भरोसा
अपनी मांगों को लेकर गीता देवी स्थानीय विधायक भानुप्रताप शाही से मुलाकात कर चुकी हैं। मामले का संज्ञान लेकर विधायक ने अस्पताल की प्रबारी डॉ. सुचित्रा से जवाब मांगा है। भानू प्रपात ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन लिखित में दे कि गीता देवी को नौकरी से क्यों हटाया गया। केवल गीता देवी ही नहीं बल्कि इन जैसे बाकी सफाईकर्मियों को क्यों हटा दिया गया। पुराने लोगों को हटाकर नए लोगों को किस आधार या निर्देश पर नौकरी पर रखा जा रहा है।
मिथिलेश ठाकुर ने भी इन लोगों को दिया आश्वासन
गीता देवी ने कहा कि वे और उनके साथी सफाईकर्मियों ने पेयजल और स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर से भी मुलाकात की। इनका कहना है कि मंत्रीजी की तरफ से वही जवाब मिला जो बाकी नेताओं से मिलता है। आश्वासन दिया गया कि आप लोगों को नहीं हटाया जाएगा। हमें वापस भेज दिया गया लेकिन अभी तक मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई। भावुक होकर गीता देवी कहती हैं कि हमलोगों की आर्थिक स्थिति काफी नाजुक है। कोरोना महामारी की वजह से पहले से ही रोजगार के मौके कम हो गए हैं। ऐसे में यदि ये रोजगार भी छीन लिया गया तो कहां जायेंगे।
राजेश को सता रहा है बहन की शादी टूटने का डर
गीता देवी के साथ ही अस्पताल में बतौर आउटसोर्सिंग सफाईकर्मी काम करने वाले राजेश कुमार ने भी कहा कि उनकी आर्थिक स्थिति काफी खराब है। उनका कहना है कि हमलोग छोटे लोग हैं इसलिए हमारी बात कोई नहीं सुनता। राजेश भावुक होकर कहते हैं कि बहन की शादी करनी है। पूरा परिवार मेरी उसी रोजगार पर चलता था। अभी नौकरी से निकाल दिया गया है। डर सता रहा है कि बहन की शादी टूट जाएगी। वे भी रोजगार की मांग कर रहे हैं। राजेश कुमार आरोप लगाते हैं कि पूरा अस्पताल बिचौलियों के भरोसे चलता है। यहां कोई किसी की नहीं सुनता।