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बिहार में सुबह भरभरा कर गिरा मदरसा, शाम दरवाजे पर मिली झारखंड के इमाम की लाश

बिहार में सुबह भरभरा कर गिरा मदरसा, शाम दरवाजे पर मिली झारखंड के इमाम की लाश
द फॉलोअप टीम, बांका:
बिहार के बांका में दो दिन पहले बम विस्फोट से जिस मदरसे की इमारत भर-भराकर गिर जाने की खबर सामने आई, उसी शाम दरवाजे पर झारखंड के रहनेवाले एक मस्जिद के इमाम की लाश मिली। उनका नाम मौलवी अब्दुल अता मोबिन था। वो झारखंड के देवघर जिला के सारठ थाना अंतर्गत कालीजोर गांव के रहनेवाले थे। पिता का नाम अब्दुल सत्तार बताया गया है। चलिये बताते हैं, क्या  है कहानी।

सुबह 8 बजे कांप उठी धरती
बांका सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत चमरेली नवटोलिया गांव चंदन नदी किनारे है। वहां एक नूरी मस्जिंद है। उसके ही अहाते में एक मदरसा चलता था। 8 जून की सुबह करीब 8 बजे अचानक से मानो भूकंप आ गया। देखते-देखते मदरसा भर-भराकर गिर गया। हाहाकार मच गया। जबतक कि पुलिस पहुंचती, समूचा गांव पुरुषविहीन हो चुका था। सिर्फ घरों से महिलाओं की आवाजें आ रही थीं।

मदरसे में रखा हुआ था बम
पुलिस के मुताबिक मदरसे में किसी बक्स के अंर बम रखा हुआ था, वही विस्फोट कर गया। मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल की। एसपी एके गुप्ता ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। फोरेंसिक टीम अपने साथ साक्ष्य इकट्ठा करके ले गई है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद विस्फोट की असली वजह बताई सकती है।

इमाम की मौत कैसे हुई कारण संदिग्घ 
जैसा हेडिंग में बताया गया है कि सुबह बम विस्फोट से मदरसा ढह गया, वहीं शाम में मस्जिद के इमाम की लाश मदरसे के पास मिली। बताया गया है कि कुछ अज्ञात लोग कार से आए और मदरसे के पास शव रखकर फरार हो गए। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा। लेकिन इमाम की मौत कैसे हुई। पुलिस अबतक कुछ नहीं बता सकी है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक विस्फोट में ही वो जख्मी हुए। बाद में जब मौत हो गई तो उनकी लाश रख दी गई।

मस्जिद से लगे मदरसे में पढ़ाते थे इमाम
मोबिन 2006 से ही मस्जिद के इमाम थे। वो मदरसा में रहकर बच्चोa को पढ़ाया भी करते थे।  किसी कारण से बीच में कुछ माह के लिए सारठ गांव चले गए थे। लेकिन ग्रामीणों के बुलाने पर फिर लौट आए थे। पहचान उनके गांव से आए उनके भाई मोहम्द्दरस इकबाल मियां और चाचा यूसूफ मियां ने की। मृतक इमाम के चाचा ने बताया कि बम विस्फोट के बाद किसी ने फोन से सूचना दी थी। जब गांव आए तो भतीजे का का कहीं अता-पता नहीं चला। इसी बीच दोपहर बाद एक कार सवार इमाम के शव को गांव के बाहर फेंक कर चंपत हो गया।
दो गांवों की आपसी लड़ाई 
बताया जा रहा है कि गत कई सालों से नवटोलिया का पड़ोसी गांव मजलिसपुर से विवाद चला आ रहा है। दोनों गांव के बीच हर महीने विवाद होता रहता है। दोनों ओर के अबतक कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। अभी 20 दिन पहले भी इनमें झगड़ा हुआ था। पुलिस विवाद और मदरसे में रखे गए बम को एक साथ जोड़कर भी जांच कर रही है।