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एडीजे उत्तम आनंद मामले में CBI पहुंची घटनास्थल, अपने स्तर से जुटाए सबूत 

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द फॉलोअप टीम, धनबाद:

एडीजे उत्तम आनंद मामले में CBI की टीम घटनास्थल पहुंची और वहां निरीक्षण किया। CBI की CFSL टीम ने घटनास्थल से सबूत इकट्ठा किए। क्राइम सीन को फिर से दोहरा कर पूरे मामले को समझने का प्रयास किया गया ताकि यह समझा जा सके कि वाकई में उस दिन क्या हुआ था।  घटना के वक़्त ऑटो की गति क्या थी ? स्थानीय पुलिस ने चौक के पास खड़ी सभी गाड़ियों को CBI के निर्देश हटाया। आरोपी लखन कुमार वर्मा और राहुल कुमार वर्मा को पांच दिन की रिमांड पर CBI को सौंपने का आदेश दिया है। 

12 अगस्त को आरोपियों की होगी पेशी 
आरोपियों को रिमांड में लेने के संबंध में CBI के अधिकारीयों ने CJM अर्जुन साव की कोर्ट में आवेदन दिया था। कोर्ट ने जिला प्रशासन को आदेश दिया है कि 12 अगस्त को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाये। दिल्ली CBI की स्पेशल क्राइम ब्रांच-1 ने मंगलवार को झारखंड सरकार की अनुशंसा और हाईकोर्ट के निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज की थी। प्राथमिकी का आधार 28 जुलाई को ADJ की पत्नी कृति सिन्हा के फर्दबयान पर धनबाद सदर थाने में दर्ज FIR को बनाया गया है। CBI ने भी अपनी प्राथमिकी में ऑटो चालकों लखन वर्मा और राहुल वर्मा को अज्ञात मानकर हत्या की धारा-302 में आरोपी बनाया है।

तेजतर्रार ऑफिसर है विजय शुक्ला 
जांच टीम में बायोलॉजी, DNA प्रोफाइलिंग, फिंगर प्रिंट्स, फोरेंसिक साइकोलॉजी और सेरोलॉजी विंग के एक्सपर्ट भी हैं। ASP विजय कुमार शुक्ला का नाम CBI के तेजतर्रार अफसरों में आता है।  शुक्ला को ब्यूरो में मर्डर केस स्पेशलिस्ट के रूप में भी माना जाता है। 2014 में UP के बदायूं दो लड़कियों के शव पेड़ से लटकते मिले थे।  इस मामले में  देशभर में हंगामा हुआ था, उस केस की जांच भी विजय कुमार शुक्ल ने ही की थी। उनकी जांच से ही मालूम हुआ था कि लड़कियों ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उनका गैंगरेप हुआ और फिर हत्या कर शवों को पेड़ से लटका दिया गया था।