जामताड़ा
जामताड़ा प्रखंड के मेझिया पंचायत अंतर्गत बेलटांड़ गांव में पेयजल की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है. भीषण गर्मी और गिरते जलस्तर के कारण गांव के अधिकांश जल स्रोत पूरी तरह सूख चुके हैं, जिससे ग्रामीणों के सामने जीवन जीने का संकट खड़ा हो गया है. इस समस्या को लेकर आज जामताड़ा डीसी से एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की और अपनी मांगों से संबंधित एक मांग पत्र सौंपा.

ग्रामीणों ने की डीप बोरिंग और सोलर जल मीनार की मांग
ग्रामीण महादेव मरांडी, साहेब लाल मुर्मू, छोटेलाल मरांडी और रोहित मरांडी के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने डीसी को बताया कि गांव में पानी की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है. उन्होंने पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि गांव के पारंपरिक जल स्रोत और चापाकल जवाब दे चुके हैं. जलस्तर काफी नीचे चले जाने के कारण ग्रामीणों को पानी के लिए मीलों दूर भटकना पड़ रहा है. पशुओं और दैनिक कार्यों के लिए भी पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. ग्रामीणों ने प्रशासन से स्पष्ट मांग की है कि गांव में अविलंब डीप बोरिंग कराई जाए और सोलर जल मीनार स्थापित की जाए. उनका कहना है कि साधारण चापाकल अब इस गहराई तक काम नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए आधुनिक जल मीनार ही एकमात्र स्थाई समाधान है.

संज्ञान नहीं लिया गया तो करेंगे आंदोलन: ग्रामीण
वहीं समस्या को समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों ने चेतावनी दी है. उनका कहना है कि यदि प्रशासन हमारी मांगों पर जल्द संज्ञान नहीं लेता है, तो हमारे पास आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा. पानी के अभाव में हम और अधिक प्रतीक्षा नहीं कर सकते. ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता देते हुए जल्द ही बेलटांड़ गांव में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाएगा.