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कृषि मंत्री बादल पत्रलेख केवल गरजने वाले बादल हैं, सदन में बोले विधायक रणधीर सिंह

कृषि मंत्री बादल पत्रलेख केवल गरजने वाले बादल हैं, सदन में बोले विधायक रणधीर सिंह
द फॉलोअप टीम, रांची: 
झारखंड विधानसभा का बजट सत्र जारी है। सोमवार को सदन में कृषि अनुदान पर चर्चा हुई। चर्चा के बीच बीजेपी विधायक रणधीर सिंह ने कहा कि कृषि मंत्री बिचौलिया के चक्कर में फंसे हैं। वे इधर-उधर घूमते रहते हैं। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री किसानों के लिये कुछ नहीं कर पा रहे हैं। रणधीर सिंह ने कहा कि बजट में कृषि को लेकर जो बातें की गयी वो केवल किसानों को गुमराह करने के लिये है। 
रणधीर सिंह ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपने निश्चय पत्र में कहा था कि धान का समर्थन मूल्य 2500 रुपया दिया जायेगा वहीं, कांग्रेस ने 2700 रुपया देने की बात की थी। हालांकि, हकीकत इससे काफी अलग है। रणधीर सिंह ने कहा कि धान की खरीद ही नहीं की गयी। उन्होंने कहा कि सदन में दो ही दिन पहले सरकार ने धान क्रय केंद्र खोलने की बात की थी। 

सिंचाई के अभाव से हो रहा पलायन
चर्चा के दौरान मांडर विधायक बंधु तिर्की ने कहा कि पलायन की सबसे बड़ी वजह बेहतर सिंचाई का अभाव है। राज्य में सिंचाई सुविधा को मजबूत करने की जरूरत है। माइक्रो स्तर पर कृषि विकास के लिए काम करने की जरूरत है। राज्य में कोल्ड स्टोरेज बनाने की जरूरत है। बंधु तिर्की ने कहा कि पहले किसानों का 50 हजार रुपये तक का कर्जा माफ किया जाता था। सरकार ने एलान किया है कि आगामी वित्तीय वर्ष से किसानों का 1 लाख रुपये तक का कर्जा माफ किया जायेगा। 
बंधु तिर्की ने कहा कि मैं सरकार के इस फैसले का सम्मान करता हूं। उन्होंने कहा कि एनपीए में जो किसान हैं उन्हेंभी कृषि ऋण माफी का फायदा मिलना चाहिये। कृषि मंत्री इसके लिए निर्देश दिया जाये। 

कृषि मंत्री केवल गरजने वाले बादल
आजसू के विधायक लंबोदर महतो ने कृषि अनुदान पर चर्चा के दौरान कहा कि कृषि मंत्री केवल गरजने वाले बादल हैं। किसानों को बरसने वाला बादल चाहिये। कृषि ऋण माफी योजना नियमों के मकड़जाल में फंसकर रह गयी है। लंबोदर महतो ने कहा कि इससे किसानों को कोई फायदा नहीं मिल रहा है।